भारत और यूरोपीय संघ ने 8 साल बाद मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत फिर शुरू करने का निर्णय लिया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल के निमंत्रण पर भारत-यूरोपीय संघ के नेताओं की वर्चु्अल बैठक में भाग लिया। भारत और यूरोपीय संघ ने संतुलित और व्यापक मुक्त व्यापार तथा निवेश समझौतो पर आठ वर्ष बाद बातचीत फिर शुरू करने के निर्णय का स्वागत किया। इन दोनों समझौतों को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिये जाने के लिए बातचीत जारी रखी जाएगी। इन समझौतों से दोनों पक्ष आर्थिक साझेदारी की पूरी क्षमता का उपयोग कर सकेंगे।

बैठक के दौरान नेताओं ने लोकतांत्रिक, मौलिक स्वतंत्रता, कानून सम्मत नियम और बहुपक्षवाद पर आधारित भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रतिभागियों ने विदेश नीति और सुरक्षा, कोविड-19, जलवायु और पर्यावरण तथा व्यापार संपर्क और प्रौद्योगिकी विषयों पर विचार-विमर्श किया। कोविड महामारी की रोकथाम में सहयोग बढ़ाने तथा आर्थिक गतिविधियां में तेजी लाने, जलवायु परिवर्तन से निपटने और बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार पर भी विचार किया गया। भारत ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का मुकाबला करने में यूरोपीय संघ और इसके सदस्य देशों की मदद की सराहना की।

बैठक में शामिल नेताओं ने महत्वाकांक्षी और व्यापक “संपर्क साझेदारी” का शुभारंभ किया जिससे डिजिटल, ऊर्जा, परिवहन और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। यह साझेदारी सामाजिक, आर्थिक, वित्तीय और पर्यावरणीय सुरक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों और प्रतिबद्धताओँ के सम्मान पर आधारित है। इससे हिन्द-प्रशांत क्षेत्र सहित विकासशील देशों में संपर्क पहल तेज करने में मदद मिलेगी।

इस दौरान भारत के वित्त-मंत्रालय और यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा पुणे मेट्रो रेल परियोजना के लिए 15 करोड़ यूरो के अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गये। इस वर्चुअल बैठक में यूरोपीय संघ के सभी 27 देशों के नेता तथा यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष शामिल हुए। यूरोपीय संघ ने पहली बार इस फॉर्मेट में भारत के साथ बैठक की मेजबानी की। इस बैठक का आयोजन यूरोपीय संघ परिषद के वर्तमान अध्यक्ष पुर्तगाल के प्रधानमंत्री की पहल पर किया गया।
भारत और यूरोपीय संघ के नेताओं तथा सदस्‍य देशों ने एक संयुक्‍त वक्‍तव्‍य में अपने साझा हितों, सिद्धांतों और लोकतंत्र के मूल्‍यों, स्‍वतंत्रता, कानून और मानवाधिकार के सम्‍मान पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और यूरोपीय संघ के सदस्‍य देशों की बैठक के बाद यह संयुक्‍त वक्‍तव्‍य जारी किया गया। इन नेताओं की कल पुर्तगाल के पोरतो में वर्चुअल बैठक हुई। श्री मोदी ने भी वर्चुअल माध्‍यम से इस बैठक में हिस्‍सा लिया।

विदेश मंत्रालय ने पश्चिमी मामलों के सचिव विकास स्‍वरूप ने नई दिल्‍ली में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि नेताओं की यह बैठक काफी महत्‍वपूर्ण थी क्‍योंकि वर्ष 2000 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच पहली बैठक से भारत यूरोपीय संघ के संबंधों को बेहतर भविष्‍य के लिए मजबूती मिली थी। उन्‍होंने कहा कि नेताओं ने भारत यूरोपीय संघ कार्ययोजना 2025 के लिए तय कार्यों और कल लिए गए फैसलों को जल्‍दी लागू करने पर सहमति व्‍यक्त की। सचिव ने बताया कि नेताओं ने इस बात पर भी सहमति व्‍यक्‍त की कि वैश्विक सहयोग और एकजुटता के माध्‍यम से कोविड महामारी को हराना सर्वोच्‍च प्राथमिकता होनी चाहिए।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और यूरोपीय संघ संतुलित, महत्वाकांक्षी, व्यापक और परस्पर लाभकारी व्यापार समझौते तथा निवेश संरक्षण संधि के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत यूरोपीय संघ व्यापार चर्चा के समापन सत्र में श्री गोयल ने द्विपक्षीय मुक्त व्यापार और निवेश समझौतों के लिए बातचीत फिर शुरू करने के बारे में भारत और यूरोपीय संघ के नेताओं की घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दोनों समझौतों को जल्दी से जल्दी अंतिम रूप दिये जाने की दिशा में हम साथ मिलकर काम करेंगे। श्री गोयल ने कहा कि भारत को, कोविड-19 के बावजूद अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मिला है,जबकि पूरे विश्व में निवेश में कमी आई है। श्री गोयल ने कहा कि भारत कारोबार में आसानी रैंकिंग में सुधार, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और प्रक्रियाओं को और सरल बनाने का प्रयास कर रहा है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए नये क्षेत्र भी खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के मानव शक्ति कौशल और प्रतिभा ने पूरे विश्व में व्यापार संवर्धन में योगदान किया है। भारत यूरोपीय संघ साझेदारी को दोनों पक्षों के लिए लाभकारी बताते हुए श्री गोयल ने कहा कि भारत एक उभरता निर्माण केन्द्र बनने के अलावा एक अरब से भी अधिक लोगों का विशाल बाजार उपलब्ध करा सकता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत में वैक्सीन उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कोविड संकट के दौरान यूरोपीय संघ के सदस्यों के मदद के लिए आभार व्यक्त किया।