बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठिये और रोहिंग्या सुरक्षित हैं लेकिन BJP कार्यकर्ता और हिन्दू नहीं: मेजर पुनिया

मेजर ( रिटायर्ड ) सुरेंद्र पुनिया ने ट्वीट कर कहा है कि बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठिये और रोहिंग्या सुरक्षित हैं लेकिन BJP कार्यकर्ता और हिन्दू सुरक्षित नहीं हैं, मेजर पुनिया के यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल में हिंसा हो रही है और बीजेपी कार्यकर्ता व् हिन्दू हिंसा के शिकार हो रहे हैं और डर के मारे पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं.

एक अन्य ट्वीट में मेजर सुरेंद्र पुनिया ने लिखा, देश में खुद को मानवाधिकारों के संरक्षक कहने वाले जावेद अख़्तर, फ़रहान, उर्मीला, प्रशांत भूषण ,हर्ष मंदर, बरखा दत्त, रविश कुमार, राहुल/प्रियंका, अरविन्द केजरीवाल, असदुद्दीन ओवैसी, नसीरूद्दीन शाह, दीपिका पादुकोण और Amnesty बंगाल में हो रही BJP कार्यकर्ताओं की नृशंस हत्या पर अब तक चुप हैं! ये लोग बिना आत्मा कि ज़िंदा लाशें हैं।

मालूम हो कि बंगाल में हो रही हिंसा का शिकार ज्यादातर भाजपा के कार्यकर्ता हैं. भाजपा नेताओं की मानें तो चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य में अबतक 11 भाजपा कार्यकर्ताओं की ह्त्या की जा चुकी है, भाजपा का आरोप है तृणमूल कांग्रेस ( टीएमसी ) के गुंडे हिंसा कर रहे हैं, टीएमसी के बड़े नेताओं का इन्हें समर्थन हासिल है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा दो दिवसीय दौरे पर बंगाल में हैं, बंगाल हिंसा पीड़ित परिवारों से लगातार मुलाक़ात कर रहे हैं और उन्हें न्याय का भरोसा दिला रहे हैं, बंगाल में कल जेपी नड्डा समेत सभी भाजपा नेताओं ने धरना भी दिया। नड्डा ने कहा, बंगाल में टीएमसी के नेताओं को और ममता दीदी को आम आदमी की चीख-पुकार सुनाई नहीं दे रही है। सत्ता में आने और बने रहने के लिए वो बंगाल को रक्त-रंजित बना रही हैं। बंगाल में राजनीतिक हिंसा समाप्त हो, इसके लिए भाजपा कृत-संकल्पित है।

मध्यप्रदेश के भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ताड़का करार देते हुए कहा कि अगर बंगाल हिंसा को रोकना है तो तत्काल राष्ट्रपति शासन लगाया जाय और फिर एनआरसी लागू कर दी जाय.