52 बार अटैक हुआ, 23 बार दुश्मनों ने घेरा, लेकिन हर बार 90 लाख वाले इजराइल ने छुड़ा दिए दुश्मन के छक्के

यरुशलम की अल अक्सा मस्जिद पर जुमे की नमाज से शुरू हुआ संघर्ष अब इजरायल और फलस्तीनियों के बीच युद्ध में तब्दील होता जा रहा है। फिलिस्तीन का संगठन हमास ( इजराइल समेत कई देशों ने हमास को आतंकी संगठन घोषित कर रखा है ) गाजापट्टी से इजराइल पर रॉकेट दाग रहा है तो इजराइल हमास के रॉकेट को एयर डिफेंस सिस्टम को न सिर्फ हवा में ही नष्ट कर दे रहा है बल्कि इजराइली एयरफ़ोर्स आतंकियों के ठिकानें पर बमबारी करके ईंट का जवाब पत्थर से दे रही है.

इजराइल एक छोटा देश है, आबादी महज 80-85 लाख की, यानि भारत बेंगलुरु शहर के बराबर, इजराइल चारों तरफ से दुश्मनों से घिरा हुआ है, दुनिया के सबसे देशों से एक है, लेकिन इजराइल हर बार दुश्मन के छक्के छुड़ा देता है, जो भी इजराइल से टकराया है, अपनी ही विनाश किया है, इजराइल अबतक 7 युद्ध लड़ चुका है, सातों आर जीता है. इजराइल को 23 बार दुश्मनों ने घेरा, 52 बार अटैक किया लेकिन कोई इजराइल को मिटा नहीं पाया। यह सब इजराइल के राष्ट्रवाद से सम्भव हुआ. इजराइल का हर व्यक्ति अपने देश के लिए कुछ भी करने को तैयार है, यही वजह है कि इजराइल के किसी नागरिक की कोई ह्त्या करता है तो इजराइल उसे ढूढ़कर मारता है, चाहे दुश्मन सात समुन्दर पार ही क्यों हो.

इजरायल में घनघोर जलसंकट है, 60 प्रतिशत जमीन रेतीली है, इसके बावजूद इजरायल 93 प्रतिशत अनाज खुद पैदा करता है। दूसरों के आगे अनाज के लिए कभी हाथ नहीं फैलाता है, गंदे पानी को शुद्ध करके खेतों की सिंचाई होती है। बूंद-बूंद सिंचाई वाले ड्रिप इरिगेशन सिस्टम का इजरायल में अच्छा मॉडल है. इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद से कौन वाकिफ नहीं है, मोसाद अबतक कई बड़े ऑपरेशन कर चुकी है वो भी दूसरे देशों में जाकर, ये आसान नहीं होता।

1998 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के शासनकाल में भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया तो सिर्फ 1 ही देश ने ही भारत समर्थन किया था। वह देश था इजरायल। परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका, चीन सहित दुनिया के कई देशों ने तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए। भारत को विदेशी सहायता मिलनी बंद हो गई। लेकिन भारत ‘अटल’ रहा। झुका नहीं।