हिमंता विश्व सरमा बन सकते हैं असम के नए मुख्यमंत्री, मियाँ-मुस्लिम से वोट नहीं मांगते हैं सरमा

असम में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बना ली है, अब मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई है, कल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और असम के दोनों मुख्यमंत्री दावेदारों ( सर्बानंद सोनोवाल, हिमंता विश्व सरमा ) की 4 घंटे बैठक चली, माना जा रहा है कि सोनोवाल मान गए हैं और हिमंता विश्व सरमा के नाम पर मुहर लग चुके ही, हालाँकि अभी इसका ऐलान नहीं हुआ है, जानकारों का मानना है की हिमंता को मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल को केंद्र में लाएगी।

असम में आज भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, विधायक दल की बैठक के नरेंद्र सिंह तोमर और राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ऑब्जर्वर चुने गए हैं, असम विधानसभा भवन में 11:30 बजे होगी भाजपा विधायक दल की बैठक, इसी में मुख्यमंत्री चुना जाएगा, उसके बाद शाम चार बजे राज्यपाल से मुलाकात होगी।

पिछले रविवार को आये असम विधानसभा चुनाव परिणाम में भाजपा ने 126 सीटों में 60 सीटें जीती। नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को होगा। शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा मौजूद रहेंगे। असम में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की थी और राज्य के अगले मुख्यमंत्री कौन होंगे, इस पर पिछले एक सप्ताह से कयास लगाए जा रहे हैं।

2016 के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने सर्बानंद सोनोवाल को अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया था और जीत हासिल की थी, जिससे पूर्वोत्तर में पहली बार भाजपा पार्टी की सरकार बनी। इस बार पार्टी यह कहती रही है कि वह तय करेगी कि चुनाव के बाद असम का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। वैसे हिमंता विश्व सरमा ने इस चुनाव में कड़ी मेहनत की है, माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें मेहनत का फल दे सकती है.

चुनाव के दौरान हिमंता विश्व सरमा ने कहा था, मिया मुस्लिम हमारे लिए (बीजेपी) वोट नहीं करते हैं। मैं यह बात अनुभव के आधार पर कह रहा हूं, उन्होंने पंचायत और लोकसभा चुनाव में हमें वोट नहीं दिया। बीजेपी को उन सीटों पर वोट नहीं मिलेंगे जो इनके हाथों में हैं, जबकि दूसरी सीटें हमारी हैं।