EU Summit में बोले फ्रांस के राष्ट्रपति, वैक्सीन आपूर्ति पर भारत को किसी का भाषण सुनने की जरूरत नहीं

साभार - द इकोनॉमिक्स टाइम्स

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कल यूरोपीय परिषद की बैठक हुई. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्‍य देशों के प्रमुखों ने इस बैठक में हिस्‍सा लिया। भारत और यूरोपीय संघ के नेताओं तथा इसके सदस्‍य देशों ने साझा हितों, लोकतंत्र के सिद्धांतों और मूल्‍यों, स्‍वतंत्रता, विधि के शासन और मानवाधिकारों के सम्‍मान पर जोर दिया। इस बैठक में बोलते हुए फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बड़ी बात कह दी.

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कहा कि वैक्सीन आपूर्ति के मामले में भारत को किसी का भाषण सुनने की जरूरत नहीं है। India EU Summit में उन्होंने दो टूक कहा कि ‘भारत ने मानवता की रक्षा के लिए कई देशों में निर्यात किया। MEAआंकड़ों के अनुसार, भारत ने अपने “वैक्सीन मैत्री” पहल के तहत 95 देशों को COVID-19 टीके निर्यात किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठक के बाद जारी एक संयुक्‍त बयान में कहा गया कि भारत और यूरोपीय संघ ने विश्‍व के दो सबसे बडे लोकतंत्र के तौर पर सुरक्षा, समृद्धि और बहुध्रुवीय विश्‍व के सतत विकास पर सहमति जताई है। यह बैठक पुर्तगाल के पोर्टो में हाईब्रिड फार्मेट में आयोजित की गई जिसमें श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्‍यम से भाग लिया।