जब तक कानून रद्द नहीं होते आंदोलन जारी रहेगा, राकेश टिकैत ने किया ऐलान

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में लगभग 6 महीनें से दिल्ली बॉर्डर पर हजारों किसानों का आंदोलन जारी है, किसान नेता राकेश टिकैत ने कृषि कानून को किसानों के लिए फांसी का फंदा बताते हुए कहा कि ‘जब तक कानून रद्द नहीं होते आंदोलन जारी रहेगा’. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, कृषि के तीनों काले कानून फांसी का फंदा साबित होंगे किसानो के लिए, जब तक कानून रद्द नहीं होते आंदोलन जारी रहेगा।

किसान आंदोलन से परेशान होकर हाल ही में राकेश टिकैत को धमकी भरे मैसेज वाले एक इंजीनियर को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, एमटेक स्नातक जितेंद्र ने राकेश टिकैत को पहले भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। गौरतलब है कि बीते 26 मई को किसान आंदोलन को 6 महीनें पूरे हो गए, इस मौके पर किसानों ने काला दिवस भी मनाया था.

किसानों और भारत सरकार के बीच अबतक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है, फिलहाल बातचीत का सिलसिला लम्बे समय से थम गया है, किसान नेताओं का कहना है कि बातचीत फिर से शुरू करने के लिए, सरकार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) को आमंत्रित करना चाहिए।

किसान नेताओं का कहना है कि “सरकार के साथ वार्ता उसी बिंदु से फिर से शुरू होगी जहां यह 22 जनवरी को समाप्त हुई थी। मांगें भी वही हैं – सभी तीन ‘काले’ कृषि कानूनों को निरस्त किया जाना चाहिए।