बड़ी मुसीबत में फंसे कांग्रेसी, बंगाल में सूपड़ा साफ़ होने के बाद EVM को भी नहीं दोषी ठहरा सकते

पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजे आ गए हैं, तृणमूल कांग्रेस ने ( टीएमसी ) जहाँ भारी बहुमत से एक बार फिर सरकार बना ली है तो वहीँ भाजपा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 सीट से 77 सीटों पर पहुँची। जबकि कांग्रेस+लेफ्ट का सूपड़ा साफ़ हो गया है, खाता भी नहीं खुल सका है.

बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद ख़ास बात यह है कि कि ईवीएम भी पवित्र हो गई है, पहले हारने के बाद कुछ राजनैतिक पार्टियां अपनी कमियां ढूढ़ने के बजाय हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ देती थी, खासकर कॉंगेस इसमें सबसे आगे थी. लेकिन इस बार कांग्रेसी बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं, क्योंकि इस बार बंगाल में टीएमसी जीत गई है, इसलिए ईवीएम को दोषी नहीं ठहरा रहे हैं, कदाचित भाजपा जीत जाती तो अबतक ईवीएम को लेकर विलाप शुरू हो जाता।

2016 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वामपंथियों ने 32 सीटें जीती थीं और कांग्रेस ने 44 सीटों पर विजय हासिल की थी, लेकिन इस बार खाता भी नहीं खोल पाए. सिर्फ बंगाल में ही नहीं असम, पुडुचेरी और केरल में भी कांग्रेस की करारी हार हुई है, इसके बावजूद अपनी हार पर आत्ममंथन करने के बजाय कांग्रेसी भाजपा की हार का जश्न मना रहे हैं। वहीँ भाजपा 2016 में 3 सीटें जीती थी लेकिन 2021 में 77 सीटें जीत ली।