सरदाना की मौत पर जश्न मनानें वाले कट्टरपंथियों पर भड़के दीपक चौरसिया, कहा- एक समुदाय इस मुल्क से ग़द्दारी ही करेगी

देश के जानें-मानें पत्रकार और आजतक न्यूज़ चैनल के एंकर रोहित सरदाना का निधन हो गया है, बताया जा रहा है कि हार्ट अटैक आने से सरदाना का निधन हो गया, इसके अलावा वो कोरोना वायरस से भी संक्रमित थे. अपने बेबाक अंदाज के लिए विख्यात रोहित सरदाना लम्बे समय से टीवी मीडिया का प्रमुख चेहरा रहे. रोहित सरदाना के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है.

एक तरफ वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना के निधन से जहाँ देशभर में शोक की लहर है तो वहीँ कुछ कट्टरपंथी ऐसे भी हैं जो रोहित के निधन पर जश्न मना रहे हैं, इरफ़ान बसीर वानी ने फेसबुक पर लिखा, “वो मुस्लिमों के प्रति घृणा फैला रहे थे। पिछले साल वो तबलीगी जमातियों के खिलाफ भौंक रहे थे। बंगाल की रैली और कुंभ ज़रूरी नहीं थी, जो कोरोना फैला रहे थे। इसीलिए, अल्लाह ने योजना बनाई और उन्हें नरक के लिए चुना।”

रोहित सरदाना की मौत पर जश्न मनानें वाले कट्टरपंथियों पर वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने जोरदार हमला बोला है, चौरसिया ने कहा, एक और पुष्टि है कि एक समुदाय इस मुल्क से ग़द्दारी ही करेगी। दरअसल शरजील नाम के एक कटटरपंथी मुस्लिम ने रोहित सरदाना के निधन पर ट्वीट करते हुए लिखा- मनोरोगी, मनोविकारी झूठा और नरसंहार को बढ़ावा देने वाला। एक पत्रकार को रूप में याद नहीं किया जा सकता।

शरजील उस्मानी को जवाब देते गए न्यूज़ नेशन के कंसल्टिंग एडिटर दीपक चौरसिया ने अपने ट्वीट में लिखा, एक युवा होनहार पत्रकार की मौत पर जश्न का माहौल बना रहे भेड़िए को देख आश्चर्य न करें..। प्रेमचंद के ‘कफ़न’ का किरदार आज भी ज़िंदा है। शरज़ील का लिखना एक और पुष्टि है कि एक समुदाय इस मुल्क से ग़द्दारी ही करेगी चाहे आप-हम जो करले। शुक्रिया शरज़ील !!!!!

एक अन्य ट्वीट में दीपक चौरसिया ने लिखा, एक युवा होनहार पत्रकार #RohitSardana असमय इस लोक से विदा हो जाता है और गिद्ध, घृणाजीवी वामपंथी और एक ख़ास समुदाय के लोग जश्न मना रहे हैं। घिन आती है तुम्हें देख कर, मानवीय होने का एक रत्ती गुण न बचा तुममें। उसके विचार तेरे अनुसार न थे तो नीचता दिखाओगे जाहिल बाशिंदों।