भीड़भाड़ में जानें से बचें, हवा से भी फ़ैल सकता है वायरस, WHO ने भी माना

कोरोना वायरस का कहर थमनें का नाम नहीं ले रहा है, कोरोना को लेकर रोजाना नए-नए रिसर्च सामनें आ रहे हैं, अब लगभग डेढ़ साल बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने माना है कि कोरोना वायरस हवा से भी फ़ैल सकता है. खराब वेंटिलेशन वाली जगह में कोविड-19 फैलने का खतरा सबसे ज्यादा है। भीड़-भाड़ वाली बंद जगहों में भी ये महामारी कहर बरपा सकता है।

रिसर्च में सामनें आया है कि ‘एयरोसोल हवा में एक मीटर से ज्यादा दूर तक जा सकते हैं। यानि अब हमें ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है। जरूरत न हो तो बाहर बिल्कुल न निकलें, अगर निकलें भी तो कम से कम दो मॉस्क जरूर लगाएं। जानकारी के अनुसार, जिस तरह धुंध या धूल होते है उसी तरह एयरोसोल (Aerosol) होता है। ये हवा में झूलता रहता है। ये गैस या लिक्विड के फॉर्म में होता है। इसका आकार पांच माइक्रोमीटर से ज्यादा होता है और ये हवा के साथ लंबी दूरी तक जा सकता है। जबकि ड्रापलेट छह फीट तक जा सकते हैं।

हालांकि WHO ने जुलाई 2020 में कहा था कि हवा से कोरोना फैलने के कोई सबूत नहीं है बल्कि, ये कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने से फैलता है। लेकिन WHO के नए दावों ने लोगों की दहशत और बढ़ा दी है। क्योंकि WHO ने मान लिया है कि कोरोना हवा से भी फ़ैल सकता है.