किसान के वेश में छुपकर उपद्रव मचा रहे गुंडों को कैसे काबू करना है, CM योगी से सीख सकते हैं

कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है, जहाँ ज्यादा मामलें आ रहे हैं वहां की राज्य सरकारों ने लॉकडाउन लगाकर गाइडलाइन बनाई है, इन सब गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते हुए किसान के वेश में छुपे गुंडे एक बार फिर दिल्ली की सीमाओं पर एकत्रित हो रहे हैं, 15 अगस्त 2021 यानि स्वतंत्रता दिवस पर आप इनकी गुंडई देख ही चुके होंगें, कैसे इन्होनें न सिर्फ दिल्ली पुलिस के जवानों को बेरहमी से मारा था बल्कि लालकिले पर तिरंगे का भी अपमान किया था. अभी तक देखा जाय तो दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की सरकारें इनपर लगाम कसने में नाकाम रही हैं. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के लगभग हर कार्यक्रम में गुंडे उपद्रव मचा रहे हैं.

हाल ही में आपने देखा होगा, किसानों के कुछ गुंडे हरियाणा के CM के हर कार्यक्रम में पहुंचकर उनका विरोध कर रहे हैं..वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरंतर दौरा और कार्यक्रम कर रहे हैं,, लेकिन विरोध करना तो दूर उनके काफिले को देखते ही ये गुंडे छुप जाते हैं..आसपास भी नहीं भटकते।

किसान के वेश में छुपकर उपद्रव मचा रहे गुंडों को कैसे काबू करना है, कुछ राज्यों सरकारों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीखना चाहिए चाहिए। आपने देखा होगा पिछले लगभग 6 महीनें से तथाकथित किसान तमाम हथकंडे अपना चुके हैं, जबरन चक्काजाम कर चुके हैं, ट्रेक्टर परेड की आड़ में उपद्रव कर चुके हैं, टोल जाम कर चुके हैं परन्तु ये सब उत्तर प्रदेश के बाहर ही हुआ है, यूपी में ऐसा करने की किसी की हिम्मत नहीं हुई।

दरअसल इसका कारण यह है कि उत्तर प्रदेश में उपद्रव करने वाले उपद्रवियों से ही भरपाई करने का रिवाज है, इस रिवाज को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लागू किया है, शायद इसीलिए कोई उत्तर प्रदेश में उपद्रव करने का जोखिम नहीं उठा रहा है.

आपको बता दें कि नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) के विरोध में राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में हिंसा हुई, हालाँकि हिंसा करनें वाले ज्यादा से ज्यादा दंगाई बच निकले, इसी तरह यूपी में भी दंगाइयों ने सोंचा यहां भी हमारा कोई कुछ नहीं कर पायेगा और हम आतंक मचाकर बच जायेंगें, लेकिन दंगाइयों ने जीवन की यही सबसे बड़ी भूल कर दी, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दंगाइयों का ऐसा ईलाज किया कि आने वाली पीढ़ी भी याद रखेंगी, जी हाँ!

यूपी में नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) के विरोध में सार्वजानिक सम्पत्ति को जलानें वाले सभी दंगाइयों को चिन्हित करके योगी सरकार ने उनकी तस्वीरें चौराहे पर टंगवा दी थी और जुर्माना भरनें की रशीद घर भेज दी थी। जिस दंगाई ने जितना नुकसान किया, उसी हिसाब से उसकी सम्पत्ति जब्त हुई, उस समय उत्तर प्रदेश के चौराहों पर टंगी दंगाइयों की तस्वीरों को देश-दुनिया ने देखा था, योगी सरकार के इस मॉडल की देश-दुनिया में चर्चा अभी भी होती है और आगे भी होती रहेगी। इसीलिए अब कोई उत्तर प्रदेश में उपद्रव करने की जुर्रत नहीं करता।