छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने जिस थप्पड़बाज DM को बनाया संयुक्त सचिव, वो घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था

सड़क पर गुंडागर्दी करने वाले छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के कलेक्टर रणवीर शर्मा को हटा दिया गया है, हैरानी की बात यह है कि कलेक्टर को अब मंत्रालय में संयुक्त सचिव बना दिया गया है। यानी यह केवल एक स्थानांतरण है. न बर्खास्तगी है, न ही निलंबन और न ही कोई विभागीय जांच। छत्तीसगढ़ की कांग्रेसी सरकार की इस कार्यवाही से लोग हैरान हैं. ये पहला मौक़ा नहीं है जब आईएएस रणवीर शर्मा ने बेहूदगी की हो, इससे पहले घूस लेते हुए रंगे हाथों पकडे भी जा चुके हैं. इसके बावजूद छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल ने कोई ठोस कार्र्यवाही करने के बजाय मंत्रालय में संयुक्त सचिव बना दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, रणबीर शर्मा 2015 में कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में एसडीएम के रूप में काम करते हुए चर्चा में आए थे. तब वो पटवारी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए थे. एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद भी उन्हें पद से हटा दिया गया था. यह सब तब हुआ था जब एसडीएम रणबीर शर्मा ने एक जमीन की खरीद-फरोख्त मामले में जांच रोकने और कार्रवाई नहीं करने के लिए घूस की मांग की थी.

फिलहाल अब सूरजपुर कलेक्टर रणबीर शर्मा एक युवक के साथ बदसलूकी करते नजर आए. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद रणवीर शर्मा की जमकर थू-थू हो रही है.

थप्पड़बाज कलेक्टर रणवीर शर्मा का वीडियो वायरल हुआ, फजीहत हुई, अंत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यवाही के नाम पर कलेक्टर साहब को स्थानांतरित करते हुए तत्काल प्रभाव से मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर भेजा गया है, जिस कलेक्टर ने बीच सड़क पर नाबालिग की पिटाई की, लठ से पिटवाया, पटककर फोन तोड़ दिया गया, कार्यवाही के नाम पर सिर्फ उसका ट्रांसफर हुआ.