ब्लैक फंगस बीमारी के बारे में कुछ जरूरी जानकारी, किसे हो सकती है, लक्षण क्या हैं, कैसे बचें?

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फरीदाबाद, 17 मई: कोरोना का कहर अभी ख़त्म भी नहीं हुआ है कि एक और बीमारी ने दस्तक दे दिया है, इस बीमारी का नाम ब्लैक फंगस है और अंग्रेजी में Mucormicosis कहा जाता है. हरियाणा सरकार ने भी इसे नोटिफाइड बीमारी मान लिया है और सभी अस्पतालों से इसकी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.

क्या है ब्लैक फंगस बीमारी के लक्षण

यह बीमारी खतरनाक है, इन्फेक्शन होने पर चेहरे, नाक, साइनस, आँख और दिमाग में फैलकर कोशिकाओं को नष्ट करना शुरू कर देती है हालाँकि रोग की पहचान होने पर आसानी से इलाज किया जा सकता है.

किसे हो सकती है ब्लैक फंगस बीमारी

यह बीमारी अधिकतर कोविड का इलाज करा चुके मरीजों को हो रही है. जिन मरीजों को इलाज के दौरान स्टेरॉयड दवा दी गयी हो जैसे – डेक्सामेथासोन, Methylprednisolone इत्यादि। इसके अलावा जिन मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर या ICU में रखना पड़ा हो और डायबिटीज पर अच्छा नियंत्रण ना रहा हो.

इसके अलावा जिन मरीजों का कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट आदि की दवा चल रही हो.

क्या हैं ब्लैक फंगस बीमारी के लक्षण

चेहरे में एक तरफ दर्द हो, सूजन हो, या सुन्न हो, छूने पर अहसास ना हो, दांत में दर्द हो, दांत हिलने लगें हो, चबाने में दर्द हो, उलटी में या खांसने पर बलगम में खून आये.

अगर आपके अंदर ऐसा कोई भी लक्षण दिखे तो विशेषज्ञ डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।

ये सावधानियां बरतें

स्वयं या किसी गैर विशेषज्ञ डॉक्टर के कहने से या दोस्त, रिश्तेदार के कहने से स्टेरॉयड दवा का इस्तेमाल शुरू ना करें, स्टेरॉयड दवा लम्बे समय तक नहीं दी जाती और गंभीर बीमारियों में कोई विकल्प ना होने पर ही दी जाती है, खुद डॉक्टर बनकर यह दवा कभी ना खाएं।