बंगाल हिंसा में मारे गए BJP कार्यकर्ताओं का परिवार पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, ममता सरकार को नोटिस जारी

बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद राज्य में हुई हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गए BJP कार्यकर्ताओं अविजीत सरकार और हरन अधिकारी के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके पुलिस की भूमिका को संदिग्द्ध बताया है और मामलें की जांच के लिए एक एसआईटी गठित करने की मांग की है.

बंगाल हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को नोटिस जारी किया है, अब इस मामलें की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने कहा है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों के इशारे पर भाजपा बूथ कार्यकर्ता की ह्त्या की गई, पुलिस की भूमिका संदिग्ध है, मामलें की जांच के लिए अदालत की निगरानी में एसआईटी गठित की जाय. याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी पेश हुए थे.

गौरतलब है कि बंगाल चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य में बड़े पैमानें पर हिंसा हुई, भाजपा ने दावा किया कि उसके लगभग एक दर्जन कार्यकर्ताओं की ह्त्या की गई, सैकड़ों लोग जान बचाकर पलायन करने पर मजबूर हुए, बंगाल भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय की मानें तो बंगाल हिंसा ममता बनर्जी के इशारे पर हुई।