बंगाल हिंसा: शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों ने गृहमंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट, ज्यादातर दलितों को बनाया गया निशाना

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद जारी हिंसा पर एक रिपोर्ट गृहमंत्रालय को सौंपी गई है, ये रिपोर्ट बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों के ग्रुप ने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री जी किशन रेड्डी को दी है, इस रिपोर्ट का नाम ‘बंगाल में खेला’ दिया गया है. बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद राज्य में बड़े पैमानें पर हिंसा हुई, जिसके बाद केंद्र सरकार ने हिंसा के कारणों और तथ्यों की जानकारी के लिए एक ग्रुप बनाया था.

शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों द्वारा गृहमंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट ‘बंगाल में खेला’ में कहा गया है कि ‘राजनितिक विरोधियों के खिलाफ बंगाल में जमकर हिंसा की गई, कई लोगों की ह्त्या की गई, क्रूड बम से हमलें किये गए. इसमें महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया, इस रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा गरीब अनुसूचित जाति व् जनजाति के लोग प्रभावित हुए हैं. इस ग्रुप ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए हरसंभव उपाय करने की सिफारिश की है।

गौरतलब है कि बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद बड़े पैमानें पर खूनी हिंसा शुरू हो गई, भाजपा का आरोप है कि टीएमसी के गुंडों ने हिंसा को अंजाम दिया, जिन्हें टीएमसी के बड़े नेताओं पर पुलिस प्रसाशन का संरक्षण प्राप्त था, भाजपा ने दावा किया कि उसके 10 कार्यकर्ताओं की ह्त्या कर दी गई, दफ्तर और घर जला दिए गए, सैकड़ों लोग जान बचानें के लिए पलायन को मजबूर हो गए.

बंगाल में हुई हिंसा को लेकर 2 हजार अधिक 2093 महिला वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना को पत्र लिखकर स्वतः संज्ञान लेने की मांग की थी, महिला वकीलों ने कहा कि हिंसा में महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया, क्रूरतम वार हुए, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की. मामलें की जांच के लिए एक एसआईटी गठित की जाय.