टीकरी बॉर्डर: किसान संगठन के टेंट में युवती से दुष्कर्म, सोशल मीडिया पर उठी योगेंद्र यादव की गिरफ़्तारी की मांग

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसानों द्वारा दिल्ली की कई सीमाओं पर कई महीनों से आंदोलन किया जा रहा है, इस तथाकथित किसान आंदोलन से एक बेहद शर्मशार कर देने वाली खबर सामने आई है, पश्चिम बंगाल से किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने टीकरी बॉर्डर पर आई एक 25 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म का एक मामला सामने आया है. उस महिला की बाद में कोविड-19 के लक्षणों के कारण बाद में अस्पताल में मौत हो गई थी.

महिला के पिता ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है. युवती के साथ रेप सहित अन्य धाराओं में 6 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। आरोपित किसान सोशल आर्मी से जुड़े थे। आरोपितों में अनिल मलिक, अनूप सिंह, अंकुश सांगवान, जगदीश बराड़, कविता आर्य और योगिता सुहाग शामिल हैं।

युवती के पिता के हवाले से दैनिक भास्कर ने लिखा है ‘संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य योगेंद्र यादव को जानकारी थी कि किसान नेता युवती के साथ गलत कर रहे हैं, हालाँकि 24 अप्रैल से युवती के सम्पर्क में रहे योगेंद्र यादव ने उसकी मौत से पहले या बाद में पुलिस को इस घटनाक्रम की सूचना नहीं दी, अब सवाल यह उठता है कि जब योगेंद्र यादव को घटना के बारें में जानकारी थी तो उन्होंने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? क्या, योगेंद्र यादव आरोपियों के कुकर्मों को छुपाना चाहते थे इसलिए सूचना नहीं दी।

सोशल मीडिया पर अब योगेंद्र यादव को गिरफ्तार करने की मांग की जा रही है. ट्विटर पर #ArrestYogendraYadav टॉप ट्रेंड कर रहा है। डॉ ऋचा राजपूत ने लिखा, जो योगेन्द्र यादव हाथरस केस के समय अपने प्रोपेगेंडा के लिए आंदोलन कर रहा था आज अपने साथीयो को बचाने के लिए केस दर्ज नही होने दिया। जिस लड़की का रेप और हत्या हुआ वो भी अकेली नही है जब तक योगेन्द्र यादव और उसके साथीयो को सजा नही मिलेगी चुप नही रहेंगे।

जनार्दन मिश्रा ने लिखा, योगेंद्र यादव उर्फ सलीम पर भी बलात्कार का मुकदमा दर्ज होना चाहिए?? किसान आंदोलन में टिकरी बॉर्डर पर हुए बलात्कार की खबर योगेंद्र यादव को पहले ही थी, फिर भी सलीम मौन रहे और मामले को दबाने का पूरा प्रयास किया..कानून में अपराधी को संरक्षण देने वाला भी उतना ही बड़ा अपराधी होता है।

पुनीत अग्रवाल ने लिखा, तथाकथित किसान नेता योगेंद्र यादव को पता था लेकिन उन्होंने पुलिस को नहीं बताया। अब आप इनकी मानसिकता सोचिए कितनी घटिया है। किसान आंदोलन के नाम पर क्या कर रहे हैं ये लोग। आप कौन होते हैं कार्यवाही करण वाले ? आप पुलिस हैं या कोर्ट ? पुलिस को तुरंत इस घटिया आदमी पर भी FIR करना चाहिए।