बिल गेट्स का भारत में खेल का हुआ खुलासा, ट्रेंड हुआ #arrestbillgates

सोशल मीडिया पर इस समय बिल गेट्स को गिरफ़्तार करनें की मांग की जा रही है, ट्विटर पर #arrestbillgates टॉप ट्रेंड कर रहा है, दरअसल माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स के भारत में खेल का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसके बाद उनके खिलाफ ट्रेंड चल रहा है. जानकारी के अनुसार, बिल गेट्स ने भारत में आदिवासी बच्चों पर एक टीके का अनधिकृत clinical trials करने के लिए एक एनजीओ को फंड दिया था. बिल गेट्स पर लग रहे आरोप बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं, अब इस अरबपति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है.

रविवार को, भारत की त्रैमासिक पत्रिका ग्रेटगेमइंडिया की एक रिपोर्ट से पता चला है कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने एचपीवी वैक्सीन के परीक्षण के लिए सिएटल स्थित एक गैर-सरकारी संगठन एनजीओ पाथ को फंडिंग की है। तेलंगाना के खम्मम में 2009 में, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (BMGF) द्वारा फंडेड NGO ने दुनिया के सबसे गरीब, सबसे कमजोर बच्चों पर एक वैक्सीन का अनधिकृत क्लिनिकल ट्रायल किया। हैरान करने वाली बात यह है कि जिन बच्चों पर ट्रायल किया गया, उन बच्चों या या उनके माता-पिता को इसके जोखिम के बारें में नहीं बताया गया, यह भी नहीं बताया गया कि यह क्लिनिकल ट्रायल है. टीकाकरण के बाद, भाग लेने वाले कई बच्चे बीमार हो गए और उनमें से सात की मृत्यु हो गई।

खम्मम को भारत के सबसे गरीब और सबसे कम विकसित ग्रामीण क्षेत्रों में से एक कहा जाता है और यह कई जातीय जनजातीय समूहों का घर है। परियोजना में शामिल की गई सभी आदिवासी लड़कियां 10-14 वर्ष से कम उम्र की थीं और कम आय वाले परिवारों और मुख्य रूप से आदिवासी पृष्ठभूमि से संबंधित थीं।

सिएटल स्थित पाथ (Program for Appropriate Technology in Health) एक एनजीओ है, जिसे बीएमजीएफ द्वारा भारी मात्रा में फंडिंग की जाती है, 1995 से अबतक PATH को BMGF से $2.5bn से अधिक प्राप्त हुआ था।