क्या, किसानों के नाम पर चलाया जा रहा आंदोलन महिलाओं के साथ बलात्कार का अड्डा बन गया है: अमित मालवीय

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसानों द्वारा दिल्ली की कई सीमाओं पर कई महीनों से आंदोलन किया जा रहा है, इस तथाकथित किसान आंदोलन से एक बेहद शर्मशार कर देने वाली खबर सामने आई है, पश्चिम बंगाल से किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने टीकरी बॉर्डर पर आई एक 25 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म का एक मामला सामने आया है. उस महिला की बाद में कोविड-19 के लक्षणों के कारण बाद में अस्पताल में मौत हो गई थी.

महिला के पिता ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है. युवती के साथ रेप सहित अन्य धाराओं में 6 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। आरोपित किसान सोशल आर्मी से जुड़े थे। आरोपितों में अनिल मलिक, अनूप सिंह, अंकुश सांगवान, जगदीश बराड़, कविता आर्य और योगिता सुहाग शामिल हैं। किसान आंदोलन से दुष्कर्म का मामला सामनें आने के बाद अब अब इस तथाकथित आंदोलन की जमकर थू-थू हो रही है, भाजपा नेता अमित मालवीय ने तो यहाँ तक कह दिया कि ‘क्या, किसानों के नाम पर चलाया जा रहा आंदोलन महिलाओं के साथ बलात्कार का अड्डा बन गया है.

भाजपा आईटी सेल चीफ अमित मालवीय ने अपने ट्वीट में लिखा, एक कोविड संक्रमित महिला के साथ टिकरी बॉर्डर पर बलात्कार होता है, ६ लोगों पर FIR होती है जिसमें २ अरविंद केजरीवाल की पार्टी के नेता है। #बलात्कारी_आंदोलनजीवी इस मामले को दबाना चाहते है…क्या किसानों के नाम पर चलाया जा रहा ये आंदोलन महिलाओं के साथ बलात्कार का अड्डा बन गया है?

युवती के पिता के हवाले से दैनिक भास्कर ने लिखा है ‘संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य योगेंद्र यादव को जानकारी थी कि किसान नेता युवती के साथ गलत कर रहे हैं, हालाँकि 24 अप्रैल से युवती के सम्पर्क में रहे योगेंद्र यादव ने उसकी मौत से पहले या बाद में पुलिस को इस घटनाक्रम की सूचना नहीं दी, अब सवाल यह उठता है कि जब योगेंद्र यादव को घटना के बारें में जानकारी थी तो उन्होंने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? क्या, योगेंद्र यादव आरोपियों के कुकर्मों को छुपाना चाहते थे इसलिए सूचना नहीं दी।