पूर्णिया काण्ड: शांतिदूतों के अपराध को छुपाना चाहती हैं अलका लाम्बा, बोलीं BJP साम्प्रदायिक रंग दे रही है

बिहार के पूर्णिया जिले के बायसी थाना के खपड़ा पंचायत के मझुवा गाँव में मुस्लिम भीड़ ने न सिर्फ महादलित बस्ती के एक दर्जन से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया बल्कि बस्ती के चौकीदार की पीट-पीट कर हत्या कर दी। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया। मिली जानकारी के मुताबिक़, भीड़ ने कई महिलाओं और दलितों के साथ बेरहमी से मारपीट की. इस पूरी वारदात में गांव के कई लोग घायल हुए हैं।

पूर्णियां में हुए जघन्य अपराध को लेकर कांग्रेस की अलका लाम्बा ने भी ट्वीट किया है, उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से मुस्लिमों का अपराध छुपाते हुए लिखा है कि ‘राजनीतिक लाभ के लिए हिंसा को साम्प्रदायिक रंग देने के लिए BJP_RSS ने VHP को आगे किया। अलका लाम्बा ने अपने ट्वीट में लिखा, इस बार बिहार के पूर्णिया में हुई हिंसा को रोक पाने में डबल इंजन की सरकार फ़ेल साबित हुई, अपनी नाकामी को छुपाने के लिए, राजनीतिक लाभ के लिए हिंसा को साम्प्रदायिक रंग देने के लिए #BJP_RSS ने #VHP को आगे किया, मुख्यमंत्री नीतीश प्रशासनिक कार्यवाही करने की बजाए चुप्पी साधे बैठे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,चौकीदार भरत राय ने बताया कि दिन में थोड़ी बहुत मारपीट हुई थी, जिसके बाद प्रशासन ने आकर उनको समझा कर मामला शांत कर दिया था, लेकिन रात 11:30 बजे लगभग 150 की तादाद में कई गाँवों से भीड़ वहाँ पर पहुँची। सबके हाथ में पेट्रोल का गैलन था। वे घरों पर पेट्रोल डालते गए और आग लगाते गए। जो बीच में आया उसे बेरहमी से मारते गए. जो लोग आए थे, वो मुस्लिम समुदाय के थे। उन्होंने बताया कि रिजवी, शाकिद और इलियास का यह व्यक्तिगत मामला था। बाकी लोग उसके समर्थन में बस इसलिए आए थे, क्योंकि वह मुस्लिम है। उनका कहना है कि महादलितों के पीडब्ल्यूडी में बसने के आक्रोश में भीड़ ने ऐसा किया है। महादलित यहाँ पर लगभग 30 सालों से रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि भीड़ को भड़का कर लाया गया था।