किसान आंदोलन में आई युवती के साथ हुआ दुष्कर्म, ABVP की निधि त्रिपाठी बोलीं- किसान नहीं हैवान हैं ये

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसानों द्वारा दिल्ली की कई सीमाओं पर कई महीनों से आंदोलन किया जा रहा है, इस तथाकथित किसान आंदोलन से एक बेहद शर्मशार कर देने वाली खबर सामने आई है, पश्चिम बंगाल से किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने टीकरी बॉर्डर पर आई एक 25 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म का एक मामला सामने आया है. उस महिला की बाद में कोविड-19 के लक्षणों के कारण बाद में अस्पताल में मौत हो गई थी.

महिला के पिता ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है. युवती के साथ रेप सहित अन्य धाराओं में 6 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। आरोपित किसान सोशल आर्मी से जुड़े थे। आरोपितों में अनिल मलिक, अनूप सिंह, अंकुश सांगवान, जगदीश बराड़, कविता आर्य और योगिता सुहाग शामिल हैं। किसान आंदोलन से दुष्कर्म का मामला सामनें आने के बाद अब लोगों ने इस तथाकथित आंदोलन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. ABVP की निधि त्रिपाठी ने कहा, किसान नहीं ये बलात्कारी हैं.

आरएसएस के छात्र विंग ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ ( एबीवीपी ) की राष्ट्रीय महासचिव निधि त्रिपाठी ने अपने ट्वीट में लिखा, इन बलात्कारियों को किसान कहना बंद कीजिये। किसान के वेश में छिपे हुए हैवान हैं ये। क्रांतिकारी के वेश में बलात्कारी हैं ये।

मिली जानकारी के मुताबिक़, 25 साल की महिला महिला 10 अप्रैल को एक किसान संगठन के साथ बंगाल से टीकरी बॉर्डर आई थी, ताकि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया जा सके. महिला को झज्जर जिले के एक अस्पताल में 26 अप्रैल को कोविड के लक्षणों के बाद भर्ती कराया गया था, लेकिन 30 अप्रैल को उसकी मौत हो गई. आठ दिन बाद उसके पिता ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है. जांच के लिए डीएसपी के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की गई है।