शिव शक्ति धाम डासना द्वारा 25 बेड के कोविड आइसोलेशन सेंटर बनाने की तैयारी शुरू, नरसिंहानंद ने की थी घोषणा

कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कोहराम जारी है, कोरोना इस कदर तेजी से बढ़ रहा है कि रोजाना तीन-चार लाख नए केसेज सामनें आ रहे हैं, ज्यादातर अस्पतालों में बेड्स नहीं मिल रहे हैं, ऑक्सीजन की भी किल्लत देखी जा रही है, अस्पतालों में बेड्स की कमी को देखते हुए कई मंदिरों द्वारा कोविड आइसोलेशन सेंटर बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, इसी कड़ी में शिव शक्ति धाम डासना में भी 25 बेड के कोविड आइसोलेशन सेंटर बनाने की तैयारी आज से शुरू कर दी गई है, जल्द ही सेंटर बनकर तैयार होगा, कोविड आइसोलेशन सेंटर बनाने की घोषणा यति नरसिंहानंद सरस्वती ने की थी, इसकी जानकारी डॉ उदिता त्यागी ने ट्वीट करके दी है.

डॉ उदिता त्यागी ने अपंने ट्वीट में लिखा, शिव शक्ति धाम डासना के द्वारा 25 बेड के कोविड आइसोलेशन सेंटर बनाने की तैय्यारी आज से शुरू। पूज्य महाराज यति नरसिंघानंद सरस्वती जी के द्वारा कल ही इसकी घोषणा की गयी थी, मेरा सौभाग्य है की स्वामी जी ने मुझे इस पुनीत कार्य से जुड़ने का अवसर दिया, डॉ त्यागी ने अपने ट्वीट में कुछ तस्वीरें भी संलग्न की है जिसमें यति नरसिंहानंद भी दिखाई दे रहे हैं।

बता दें कि कुछ महीनों पहले गाजियाबाद का ‘डासना देवी मंदिर’ सुर्ख़ियों था, सुर्ख़ियों में रहनें का कारण यह है कि एक मुस्लिम सख्श ने मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर टॉयलेट कर दिया और फिर मंदिर के ही एक व्यक्ति ने उसकी पिटाई कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, हालाँकि मुस्लिम व्यक्ति ने कहा कि वो मंदिर में पानी पीने गया था, इसलिए उसकी पिटाई हुई…मुस्लिम व्यक्ति को पीटने वाले श्रृंगी यादव को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अब वो जमानत पर जेल से बाहर आ गए हैं, उन्होंने ही बताया कि मंदिर में पानी पीने को लेकर उसकी पिटाई नहीं हुई.

श्रृंगी यादव ने बताया कि वो लड़का झूठ बोल रहा है कि वो पानी पीने के लिए मंदिर के भीतर घुसा था। उन्होंने कहा कि मंदिर में कई शिवलिंग मौजूद हैं। श्रृंगी यादव ने बताया कि उसने उस लड़के को शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल में पेशाब करते हुए देखा था। साथ ही इस तथ्य को दोहराया कि अगर उसे पानी पीना होता तो वो मंदिर के बाहर कई चापाकल और नल हैं, उनमें से पी लेता।

इस घटना से ज्यादा वामपंथियों को डासना देवी मंदिर पर लगे उस बोर्ड से जलन हो रही है, जिसमें महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने लिखवाया है कि यह मंदिर हिन्दुओं का पवित्र स्थल है, यहाँ मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित है.