छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल, जीवित महिला को लाश समझ शमशान ले गए जलानें, लेकिन?

कोरोना वायरस की दूसरी लहर कहर बरपा रही है, अस्पतालों में बेड्स नहीं है, जीवनरक्षक दवाओं की भीषण कमी देखी जा रही है, ऑक्सीजन की किल्लत मची है, श्मशान में शवों की लाइन लगी है, इसी बीच छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदहीनता सामनें आई है, इससे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है…एक ओर कोरोना कॉल में अस्पतालों में आदमीं जिंदगी की एक-एक सांस के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीँ दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में जीवित महिला को लाश समझ शमशान लेकर चले गए जलाने। चिता पर लिटानें से पहले महिला की पल्स चलती मिली, तब जाकर पता चला कि महिला ज़िंदा है, ये मामला छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ भीमराव अम्बेडकर अस्पताल का है। इस मामलें के सामनें आने के बाद छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है.

सुदर्शन न्यूज़ के मुताबिक़, छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अम्बेडकर में एक महिला को लाश समझ जीवित जलानें की तैयारी ही थी कि शमशान घाट में चिता पर लिटाने से पहले पल्स चलती मिली। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ आक्रोश है.

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक़, 72 वर्षीय महिला की जब साँसे चल रही थी तो उसे श्मशान से वापस भीम राव अंबेडकर अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया, अस्पताल में बुजुर्ग महिला को मृत घोषित कर दिया गया। मृतक महिला की पहचान लक्ष्मी बाई के रूप में हुई।

मृतक महिला की पोती छत्तीसगढ़ के एक कोविड -केयर सेंटर में मेडिकल स्टाफ के रूप में काम करती है। महिला को अचेत अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। जब वह अस्पताल पहुंची तो महिला बेहोशी की हालत में थी, उसके बाद महिला का कोरोना टेस्ट किया गया और रिपोर्ट निगेटिव आयी. कुछ समय ईलाज चलनें के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया गया. उसके बाद महिला को जलानें के लिए गोकुल नगर श्मशान ले जाया गया। परिवार ने दाह संस्कार से पहले इंतजार करने का फैसला किया क्योंकि शरीर ठंडा नहीं था।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के हवाले से टाइम्स नाउ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि परिवार के एक सदस्य ( जिसका नाम निधि बताया जा रहा है ) को जैसे ही संदेह हुआ यानि महिला के जीवित होनें का एहसास हुआ तो उन्होंने एमर्जेन्सी में एक डॉक्टर को बुलाया और चेकअप हुआ तो महिला ज़िंदा पाई गई, ऑक्सीजन लेवल 85 था, वापस उसे अस्पताल ले जाया  गया लेकिन रास्ते में मौत हो गई।