वसूली काण्ड: अनिल देशमुख को लगा बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की याचिका, CBI जांच जारी रहेगी

एनसीपी नेता व् महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को बड़ा झटका लगा है, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को ख़ारिज करते हुए CBI जांच जारी रहनी का आदेश दिया। दरअसल मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर आरोप लगाया था कि उन्होंने सचिन वाजे को हर महीनें 100 करोड़ रूपये वसूली करनें का आदेश दिया था, परमबीर की याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल देशमुख पर लगे आरोपों की जांच सीबीआई को सौंप दी, उसके बाद अनिल देशमुख ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके सीबीआई जांच रुकवाने की मांग की है. इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया, यानि सीबीआई जांच जारी रहेगी।

अनिल देशमुख और महाराष्ट्र सरकार की याचिका ख़ारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यह 2 बड़े पद पर बैठे लोगों से जुड़ा मामला है। लोगों का भरोसा बना रहे, इसलिए निष्पक्ष जांच ज़रूरी है। हम हाई कोर्ट के आदेश में दखल नहीं देंगे।

अनिल देशमुख की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 21 मार्च को वकील जयश्री पाटिल ने शिकायत दी। 23 को HC में याचिका दाखिल कर दी। बाद में परमबीर ने भी फ़ाइल किया। 31 मार्च को सिर्फ इस पहलू पर सुनवाई हुई कि याचिकाएं सुने जाने लायक हैं या नहीं। लेकिन बाद में हाई कोर्ट ने विस्तृत आदेश पारित कर दिया। हमें ठीक से जिरह का मौका ही नहीं दिया गया

सिंघवी की दलील सुनने के बाद जस्टिस कौल ने कहा कि जब गृह मंत्री पर आरोप पुलिस कमिश्नर ने लगाए हों तो क्या यह CBI जांच के लिए फिट मामला नहीं है..अनिल देशमुख के लिए पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा, बिना ठोस आधार के आरोप लगाए गए. इसके बाद जस्टिस कौल ने कहा, यह आरोप ऐसे व्यक्ति का है जो गृह मंत्री जा विश्वासपात्र था। अगर ऐसा नहीं होता तो उसे कमिश्नर का पद नहीं मिलता। यह कोई राजनीतिक प्रतिद्वंदिता का मामला नहीं है।