केरल के कथित पत्रकार व् PFI मेंबर सिद्दीक कप्पन को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी जमानत

हाथरस मामले पर हिंसा भड़काने की साज़िश के आरोप में गिरफ्तार केरल के कथित पत्रकार व् पीएफआई मेंबर सिद्दीक कप्पन को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया, कप्पन इस समय मथुरा जेल में बंद हैं, हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने सिद्दीक कप्पन को इलाज के लिए दिल्ली भेजने का आदेश दिया है, सर्वोच्च अदालत ने कहा, सिद्दीक को शुगर समेत दूसरी बीमारी हैं। बेहतर इलाज सबका अधिकार है, जबकि जमानत देने से मना कर दिया और निचली अदालत जाने के लिए कहा।

दरअसल कुछ संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके दावा किया था कि ‘सिद्दीक कप्पन को मथुरा हस्पताल में कोरोना का अच्छा इलाज नहीं मिल रहा है और उन्हें जंजीर से बांधा गया है, उन्हें छोड़ा जाय, इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बेहतर ईलाज के लिए कप्पन को दिल्ली ले जानें का आदेश दिया लेकिन जमानत नहीं दी.

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई घटना की आड़ में मथुरा से गिरफ्तार हुए दंगे की साजिश रचने वाले 4 आरोपितों के खिलाफ बुधवार (अक्टूबर 06, 2020) को मथुरा में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और राजद्रोह के तहत केस दर्ज किया गया, जिनमें से एक केरल के कथित पत्रकार सिद्दीक कप्पन भी थे.

दर्ज FIR में बताया गया कि अतीकुर्रहमान, आलम, केरल के सिद्दीक कप्पन (जो कि कथित तौर पर पत्रकार है) और मसूद अहमद के पास गिरफ्तारी के दौरान 6 स्मार्टफोन, एक लैपटॉप व ‘जस्टिस फॉर हाथरस’ नाम के पैम्फ़्लिट पाए गए थे और ये लोग शांति भंग करने के लिए हाथरस जा रहे थे। ये लोग हाथरस पहुँच पाते उससे पहले यूपी पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया और जेल में डाल दिया। सिद्दीक कप्पन की गिरफ़्तारी से वामपंथी बिलबिलाये हुए हैं।