सुकमा में ख़ूँख़ार नक्सली हिदमा ने किया हमला, 4 साल पहले भी किया था हमला, 25 जवान शहीद हुए थे

छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर की सीमा पर जूनागढ़ गांव में शनिवार ( 3 अप्रैल, 2021 ) को नक्सलियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबल के 24 जवान शहीद हो गए हैं, 20 से ज्यादा जवान घायल हैं, जबकि कई नक्सली भी ठोंके गए हैं, नक्सलियों को काफी क्षति होने की ख़बर है। छत्तीसगढ़ में हुए इस बड़े नक्सली हमलें के बाद देशभर में आक्रोश है, खबर मिल रही है कि घात लगाकर सुरक्षाबलों पर यह हमला खूंखार नक्सली हिड़मा ने किया है. खूंखार नक्सली वाड़से हिड़मा ने चार साल पहले भी सुकमा में सुरक्षाबलों पर हमला किया था जिसमें CRPF के 25 जवान शहीद हो गए थे.

अप्रैल 2017 में छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों ने सीआरपीएफ जवानों पर घात लगाकर हमला किया. इस हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए. घात लगाकर हुए हमले में जवानों को संभलने का मौका नहीं मिला. 300 नक्सलियों ने सीआरपीएफ पर हमला किया. नक्सलियों का मास्टरमाइड नक्सली वाड़से हिड़मा ही था. उपर दी गई तस्वीर खूंखार नक्सली वाड़से हिड़मा की है, 2017 में इस आतंकी पर 40 लाख रूपये का ईनाम भी रखा रखा गया था, सुरक्षाबलों को लम्बे समय से हिड़मा की तलाश है।

मिली जानकारी के मुताबिक, नक्सली वादसे हिड़मा People’s Liberation Guerrilla Army ( PLGA ) की बटालियन-1 का मुखिया माना जाता है, ये इंडिपेंडेट तरीके से नक्सलियों को तैयार करता है और CRPF जवानों पर हमला करता है, इस नक्सली के ग्रुप में लगभग 300-400 नक्सली हैं, हर बड़े नक्सली हमले में इसका नाम आता है.

खूंखार नक्सली वाड़से हिड़मा सुकमा का ही रहने वाला है, सुकमा, जगदलपुर व् दंतेवाड़ा में और जो नक्सली संगठन हैं, उनसे अलग काम करता है, छत्तीसगढ़ पुलिस व् अन्य सुरक्षाबलों के रडार पर हमेशा रहता है, लेकिन अभी तक सुरक्षाबलों की पकड़ से बाहर है..नक्सलियों का सम्पूर्ण नाश के लिए हिड़मा की गिरफ़्तारी/एनकाउंटर जरुरी हो गया है.