किसान आंदोलन को लेकर कृषि मंत्री ने दिया बड़ा बयान, दिल्ली में बैठे किसानों के लिए खोले दरवाजे!

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले कई महीनों से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसान आंदोलन कर रहे हैं, हालाँकि अब इस आंदोलन से ज्यादातर लोग उठकर अपने घरों को वापस जाने लगे हैं, इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा, मैं किसान संगठनों से आग्रह करूंगा कि वे अपना आंदोलन स्थगित करें। अगर वे बातचीत के लिए आएंगे तो सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार है.

भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, हजारों किसान संगठन, अर्थशास्त्री, समाज के विभिन्न वर्ग कृषि सुधार बिलों का स्वागत कर रहे हैं। कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों से सरकार ने 11 दौर की बातचीत की, हमने संशोधन का प्रस्ताव दिया। किसान यूनियन ने प्रस्ताव को निरस्त कर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, किसानों के मन में असंतोष नहीं है। जो किसान संगठन इन बिलों के विरोध में है उनसे सरकार बातचीत के लिए तैयार है। मैं किसान संगठनों से आग्रह करूंगा कि वे अपना आंदोलन स्थगित करे अगर वे बातचीत के लिए आएंगे तो सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार है।

गौरतलब है कि कृषि कानून का विरोध कर रहे किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच अबतक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है, अब एक बार फिर से केंद्र सरकार ने किसानों को बातचीत का ऑफर दिया है, अब देखना यह दिलचस्प होगा कि आंदोलनकारी किसान बातचीत करने के लिए जाते हैं या नहीं।

राकेश टिकैत के नेतृत्व में गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन प्रदर्शनकारी अपने घर वापसी करने लगे हैं, लेकिन टेंट जितने लगे थे, उतने ही लगे हैं, टेंट नहीं हटाया जा रहा है, ताकि लोगों को लगें कि अभी भीड़ बरकार है, यही हाल सिंघु और टीकरी बॉर्डर का है.