सुकमा नक्सली हमलें को लेकर देशभर में आक्रोश, मेजर पुनिया ने बताया नक्सलियों के खात्में का तरीका

छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर की सीमा पर जूनागढ़ गांव में शनिवार ( 3 अप्रैल, 2021 ) को नक्सलियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबल के 24 जवान शहीद हो गए हैं, 20 से ज्यादा जवान घायल हैं, जबकि कई नक्सली भी ठोंके गए हैं, नक्सलियों को काफी क्षति होने की ख़बर है। सुकमा में हुए बड़े नक्सली हमलें के बाद देशभर में आक्रोश है, चारों तरफ से नक्सलियों के खात्में की मांग उठ रही है, अब मेजर सुरेंद्र पूनिया ने नक्सलियों के खात्में का तरीका बताया है..

मेजर ( रिटायर्ड ) सुरेंद्र पुनिया ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर कर सुकमा में हुए नक्सली हमलें पर दुःख व्यक्त किया है और नक्सलियों के खात्में का तरीका भी बताया है, मेजर पुनिया ने कहा, कल शाम को खबर आई कि सुकमा में CRPF के पांच जवानों की नक्सलियों ने ह्त्या कर दी, मेजर ने थोड़ी देर पहले समाचारों में देखा कि शहीदों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है, उन्होंने कहा, किसी के लिए ये नंबर हो सकता है लेकिन जिनके घर से ये लोग गए हैं, उनकी जिंदगियां उजड़ गई हैं।

मेजर सुरेंद्र पुनिया ने कहा, क्या आपको सच में लगता है कि नक्सलियों में इतनी ताकत है कि वो एक ट्रेंड पैरामिलिट्री फ़ोर्स का मुकाबला कर सकते हैं, नहीं! मेजर ने कहा, नक्सलियों के पीछे कौन है, कौन इन्हें सपोर्ट कर रहा है, कौन गाइड कर रहा है, कौन इनको फण्ड कर रहा है, कौन इनको प्रोटेक्ट कर रहा है, जबतक इसका पता नहीं लगेगा, न ये हमलें रुकेंगे, न ये तिरंगे में लिपटी हुई लाशें आना रुकेंगी।

नक्सलियों के खात्में के लिए मेजर सुरेंद्र पुनिया ने बताये 3 तरीके।

सबसे पहले इन लोगों को न्‍यूट्रलाइज़्‌ करना पड़ेगा, हमेशा, हमेशा के लिए, चाहे वो कोई भी हो, पुनिया ने कहा, ऑपरेशनल कमांड आर्मी के सर्विंग/रिटायर्ड, जिनको एंटी टेरर ऑपरेशंस का अनुभव है, उन्हें देना पड़ेगा। तीसरा एवं अंतिम तरीका बताते हुए मेजर ने कहा, जो वहां पर आदिवासी हैं उनको मिशनरियों के हवाले नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उनको मुख्यधारा में लाना पड़ेगा। लेकिन सबसे पहले जो इनको फंड कर रहे हैं, सपोर्ट कर रहे हैं, प्रोटेक्ट कर रहे हैं, उनको न्‍यूट्रलाइज़् कीजिये।