फुस्स हुआ राकेश टिकैत की अगुवाई वाले गाजीपुर बॉर्डर का किसान आंदोलन, टेंट के सहारे बचा रहे इज्जत

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले कई महीनों से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसान आंदोलन कर रहे हैं, गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का नेतृत्व ‘भारतीय किसान यूनियन’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत कर रहे हैं, अब गाजीपुर बॉर्डर से प्रदर्शनकारी अपने घर वापसी करने लगे हैं, लेकिन टेंट जितने लगे थे, उतने ही लगे हैं, टेंट नहीं हटाया जा रहा है, यानि टेंट के सहारे ही अब किसान नेता अपनी इज्जत बचानें में जुटे हुए हैं।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि कानून विरोधी प्रदर्शनकारियों ने गाजीपुर बॉर्डर पर फ्लाईओवर के नीचे, संपर्क मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की दिल्ली जाने वाली लेन पर टेंट लगाकर कब्जा किया हुआ है। यहाँ पर 25 बड़े, 70 मंझले और सौ छोटे टेंट लगे हैं। यहाँ पर लगभग 2000 प्रदर्शनकारियों के रुकनें का इंतजाम है, लेकिन मौजूदा हालत में यहाँ सिर्फ 200-300 प्रदर्शनकारी बचे हैं, बाकि सब अपने-अपने घर वापसी कर चुके हैं, जो बचे भी हैं वो आसपास गाँव के ही आते-जाते रहते हैं, यही नहीं इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राकेश टिकैत भी बहुत कम यहाँ रहते हैं, किसान आंदोलन की आड़ में टिकैत राजनीती करने में ज्यादा व्यस्त हैं।

आंदोलनस्थल पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वीआईपी व्यवस्थाएं की गई हैं, उसके बावजूद कोई रुकने को तैयार नहीं है, यानि अब ये किसान नेता टेंटों के सहारे अपनी इज्जत बचा रहा है..आंदोलन को चलाने में टेंट महत्वपुर्ण भूमिका निभा रहा है, क्योंकि बाहर से देखने पर लगेगा कि जब टेंट इतना लम्बा-चौड़ा लगा है तो उसमें ठहरने वाले भी होंगे, लेकिन अंदर की सच्चाई कुछ और ही है।

गौरतलब है कि कृषि कानून का विरोध कर रहे किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच अबतक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है, फिलहाल बातचीत का सिलसिला रुक गया है, अब आगे बातचीत कब शुरू होगी, इसकी फ़िलहाल अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।