केजरीवाल ने इनडायरेक्ट तरीके से जजों को ख़रीदने की कोशिश की थी, दिल्ली हाईकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई

मीडिया को करोड़ों रूपये का विज्ञापन देकर उनका मुंह बंद कर देने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इनडायरेक्ट तरीके से दिल्ली हाईकोर्ट के जजों को मैनेज करने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया, दिल्ली हाईकोर्ट ने आज केजरीवाल सरकार को जमकर फटकार लगाई, दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद, दिल्ली हाईकोर्ट के जजों के लिए दिल्ली के फ़ाइव स्टार होटेल में कमरे बुक कर हॉस्पिटल बनाने के आदेश को वापस लिया।

आपको बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट के स्टाफ, जज और उनके परिजनों के लिए केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के पांच सितारा अशोका होटल में 100 कमरों को कोविड केयर फेसिलिटी में तब्दील करने का आदेश दिया थी, इसपर टिप्पणी करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, दिल्ली सरकार अपनी मर्जी से कोई भी आदेश पारित करे जा रही है, जबकि हमने उस बारे में कोई मांग भी नहीं की, वह भी ऐसे हालात में जब अस्पतालों में एमरजैंसी सिचुएशन है, डॉक्टरों की कमी है नर्सेज स्टाफ की कमी है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, आज हमको खबरों के माध्यम से पता चला कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के जजों के लिए अशोका होटल में हॉस्पिटल बेड का इंतजाम किया है, यह बहुत गुमराह करने वाला है, क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट ने कभी दिल्ली सरकार से इस बाबत में कोई बात नहीं कही. दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि “अगर आप दिल्ली सरकार नहीं संभाल सकते तो हमको बताएं हम केंद्र सरकार को यह जिम्मेदारी दे देते हैं”

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह अब तक ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों का आंकड़ा हलफनामे के जरिए कोर्ट के सामने पेश करें, इस हलफनामे में यह बताया जाए कि मौत की वजह क्या रही मौत कब हुई ? क्योंकि ऐसे लोगों को मुआवजा देना राज्य की जिम्मेदारी है!