छत्तीसगढ़: नक्सलियों के कब्जे में हैं कोबरा का लापता जवान, 2 दिन में रिहा करनें का….

छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर की सीमा पर जूनागढ़ गांव में शनिवार ( 3 अप्रैल, 2021 ) को नक्सलियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबल के 24 जवान शहीद हो गए हैं, 20 से ज्यादा जवान घायल हैं, जबकि कई नक्सली भी ठोंके गए हैं, नक्सलियों को काफी क्षति होने की ख़बर है। मुठभेड़ के दौरान CRPF कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मनहास लापता हो गए थे, नक्सलियों ने एक स्थानीय पत्रकार को फोन करके कहा कि जवान हमारे कब्जे में हैं, जवान को गोली लगी थी उसे चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बीजापुर के स्थानीय पत्रकार गणेश मिश्रा ने कहा कि नक्सलियों ने मुझे दो बार फोन करके बताया कि एक जवान उनकी हिरासत में है, जवान को गोली लगी है, उसे चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. पत्रकार ने दावा किया कि नक्सलियों ने फोन पर कहा, जवान को दो दिन में रिहा कर दिया जायेगा। जल्द ही जवान का वीडियो और फोटो जारी किया जायेगा।

नक्सलियों के चंगुल में फंसे CRPF कोबरा बटालियन के 35 वर्षीय जवान राकेश्वर सिंह मूल रूप से जम्मू के रहने वाले हैं, उनकी छोटी बेटी ने पीएम मोदी से अपील की है कि उनके पापा को नक्सलियों के कब्जे से आजाद कराया जाय।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नक्सलियों और सुरक्षाबल की मुठभेड़ के दौरान राकेश्वर के पास गोली खत्म हो गई और वह पहाड़ी के पास छिप गए थे, फायरिंग रुकने के बाद उन्होंने गांव की तरफ रुख किया, लेकिन यहाँ वो धोखे का शिकार हो गए, दरअसल मुठभेड़ से पहले नक्सलियों ने गांव वालों को डरा-धमकाकर भगा दिया था, और खुद गांव पर कब्जा किया था, जवान के गांव में पहुँचते ही नक्सलियों ने पकड़ लिया।

रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, बैठक में गृह सचिव अजय भल्ला, IB के निदेशक अरविंद कुमार और CRPF के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे..अमित शाह ने कहा, मैं जवानों को श्रद्धांजलि देता हूं और उनके परिवार और देश को विश्वास दिलाता हूं कि जवानों ने देश के लिए अपना जो खून बहाया है वो व्यर्थ नहीं जाएगा। नक्सलियों के खिलाफ मजबूती के सा​थ हमारी लड़ाई चलती रहेगी और हम इसे परिणाम तक ले जाएंगे।

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