उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला, केदारनाथ समेत 51 मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के 51 मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिया है, ये सभी मंदिर देवस्थानम बोर्ड में शामिल थे, अब इन्हें मुक्त कर दिया गया है, शुक्रवार को हरिद्वार में विश्व हिंदू परिषद (VHP) की मार्गदर्शक मंडल की एक अहम बैठक हुई, जिसमें CM तीरथ सिंह रावत ने इसका ऐलान किया। सीएम तीरथ सिंह रावत ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री, और गंगोत्री सहित 51 मंदिरों मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की घोषणा की है।

आपको बता दें कि हाल ही में हटाए गए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चारधाम समेत गढ़वाल क्षेत्र के 55 मंदिरों को सरकारी नियंत्रण में लिया था, त्रिवेंद्र के इस फैसले का जमकर विरोध हुआ, यहाँ तक की विधायकों ने भी विरोध किया, फिर भी वो अड़िग रहे, त्रिवेंद्र सरकार ने इसको लेकर देवस्थानम बोर्ड का गठन किया. जिस पर बीजेपी के ही नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकार को कोर्ट में भी घसीटा।

मंदिरों से जुड़े पुरोहितों का कहना है कि देवस्थानम बोर्ड उनके अधिकारों को छीनने की एक साजिश है. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में इस मुद्दे से बीजेपी के मंसूबों पर पानी फिरने का अंदेशा था. इन्हीं सब फैसलों की वजह से त्रिवेंद्र सिंह रावत पर गाज भी गिरी और अब तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री बनते ही 51 मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिया है।