देशमुख के इस्तीफे के बाद बरसी BJP, उद्धव ठाकरे ने CM पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है, भारतीय जनता पार्टी अब सीएम उद्धव ठाकरे पर हमलावर हो गई है, केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है. वरिष्‍ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने आज नई दिल्‍ली में पत्रकारों से बातचीत में इस मुद्दे पर मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे की चुप्‍पी पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने मांग की कि भ्रष्‍टाचार के इस मामले में और भी कडी हो सकती है जिनकी सही ढंग से जांच की जानी चाहिए और इसमें संलिप्‍त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, हम शुरू से एक स्वतंत्र निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थें और मुंबई पुलिस के द्वारा ये संभव नहीं था। जैसा आरोप लगाया गया था कि देशमुख जी ने सचिन वाजे को कहा था कि मुबंई में 17 सौ बार और रेस्टोरेंट हैं तो आप 100 करोड़ रुपये कलेक्शन कर के दीजिए। हमने ये विषय उठाया था कि ये टारगेट सिर्फ एक शहर मुंबई का है तो पूरे महाराष्ट्र का टारगेट क्या था? ये टारगेट सिर्फ एक मंत्री का है तो बाकी मंत्री का टारगेट क्या है?

रविशंकर ने कहा कि मुख्यमंत्री उदधव ठाकरे खामोश हैं। शरद पवार जी करते हैं कि मंत्री के बारे में फैसला मुख्यमंत्री करते हैं और कांग्रेस व शिवसेना कहती है कि देशमुख जी के बारे में फैसला एनसीपी करेगी। आज तो कमाल हो गया, शरद पवार से अनुमति के बाद मुख्यमंत्री जी को इस्तीफा सौंपा गया। हम भी जानते हैं कि शरद पवार के इशारे पर ही वो इस्तीफा देते या न देते। लेकिन उद्धव ठाकरे कब बोलेंगे? उनकी खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है।

गौरतलब है कि पिछले महीनें मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने आरोप अनिल देशमुख पर था कि उन्होंने सचिन वाजे को हर महीनें 100 करोड़ रूपये वसूली करनें का आदेश दिया था.

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