अमेरिका ने फिर की कोरोना की उत्‍पत्ति की जांच कराने की मांग, चीन पर लगाए बेहद गंभीर आरोप

अमेरिका ने कोविड-19 की उत्‍पत्ति की जांच करने की बात दोहराई है और जांच में सहयोग न करने के लिए चीन की निंदा की है। अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कोरोना वायरस महामारी के शुरू होने के प्रारंभिक स्‍तर के दौरान पारदर्शिता की कमी को लेकर चीन पर निशाना साधा। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की संयुक्‍त जांच रिपोर्ट के बाद श्री ब्लिंकन ने यह टिप्‍पणी की। जांच में यह साबित नहीं हो सका कि यह वायरस कब और कैसे फैलना शुरू हुआ था।

एनबीसी के साथ साक्षात्‍कार में श्री ब्लिकंन ने कहा कि चीन ये जानता है कि कोविड के शुरूआती चरणों में उसने ऐसा कुछ नहीं किया जिसे किए जाने की जरूरत थी। चीन ने अंतरराष्‍ट्रीय विशेषज्ञों को अपने यहां पहुंच नहीं बनाने दी, जानकारी साझा नहीं करने दी और वा‍स्‍तविक पारदर्शिता नहीं उपलब्‍ध कराई। विदेश मंत्री ने कहा कि इसका एक परिणाम यह रहा कि इस वायरस पर नियंत्रण तेजी से हाथ से निकल गया।

चीन और विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने एक जांच रिपोर्ट जारी की है जिसका निष्‍कर्ष रहा है कि इस वायरस के किसी प्रयोगशाला की बजाय वन्‍य जीव से आने की संभावना है। इस रिपोर्ट के बाद अंतरराष्‍ट्रीय वैज्ञानिकों के एक समूह ने भी कोविड की उत्‍पत्ति की नई तरह से जांच करने का आह्वान किया है। यूरोप, अमरीका, ऑस्‍ट्रेलिया और जापान के 24 वैज्ञानिकों ने एक पत्र जारी किया है जिसमें व्‍यापक जांच पूरा करने के कदमों का विश्‍लेषण किया गया है। वैज्ञानिकों ने जैव सुरक्षा और जैव संरक्षा विशेषज्ञों से जांच कराने का अनुरोध किया है। यह जांच विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन या कोविड की उत्‍पत्ति का अध्‍ययन करने वाले देशों के समूह से की जानी चाहिए।