बंगाल चुनाव: उल्टा पड़ गया ममता बनर्जी का दांव, अपने ही जाल में फंसकर बढ़ा लीं अपनी मुसीबतें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव चरम पर है, ऐसे में हर पार्टी विरोधियों के खिलाफ अपनी रणनीति बना रही है, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी भाजपा लीडरशिप को बाहरी बताकर निशाना साधती थी लेकिन अब खुद ममता को ऐसे ही आरोपों का सामना कर रही है। अपने ही कई विधायकों के टिकट काटने और हाल ही में पार्टी में शामिल होने वाले लोगों को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर टीएमसी में असंतोष है।

चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने शुक्रवार को 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया था। कई ऐसे लोग भी हैं, जो हाल ही में टीएमसी की नाव में सवार हुए हैं। कई तो ऐसे भी हैं, जिन्हें पार्टी से जुड़े हुए एक महीना भी नहीं हुआ है। टीएमसी ने 27 विधायकों और 5 मौजूदा मंत्रियों को टिकट नहीं दिया है।

बांकुरा सीट से टीएमसी विधायक रहीं शम्पा दारिपा ने कहा, ‘ममता बनर्जी बीजेपी के नेताओं को बाहरी बता रही हैं और बंगाल की बेटी का नारा दिया है। लेकिन बांकुरा भी अपनी ही बेटी को चाहता है। किसी बाहरी के साथ नहीं है। दारिपा को ममता ने टिकट नहीं दिया है। इसके अलावा खुद ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी, जबकि उनकी परम्परागत सीट भवानीपुर रही है, नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को बाहरी करार दे रहे हैं, ममता पलटवार भी नहीं कर सकती, क्योंकि बाहरी वाला फॉर्मूला उन्होंने ही दिया है, जो अब इनके लिए ही नुकसानदेह साबित हो रहा है।

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