UP पंचायत चुनाव: 25 साल में पहली बार सैफई ब्लॉक प्रमुख सीट पर मुलायम परिवार की बादशाहत खत्म

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उत्तर प्रदेश में जल्द ही पंचायत चुनाव होने वाले हैं, नयी आरक्षण नीति लागू होने से कई क्षेत्रीय क्षत्रपों को बड़ा झटका लगने जा रहा है. मुलायम परिवार को ये झटका लग चुका है. 25 साल में पहली बार सैफई ब्लॉक प्रमुख की सीट एससी महिला के लिए आरक्षित होने से अब यहां मुलायम परिवार की बादशाहत का अंत होने जा रहा है. इस सीट पर बीते 25 सालों से मुलायम परिवार के ही सदस्य का कब्ज़ा रहा है लेकिन इस बार ऐसा होना संभव नहीं है.

सैफई ब्लॉक बनने के बाद से अब तक ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी मुलायम सिंह के भतीजों, नाती पूर्व सांसद और बिहार के मुख्यमंत्री लालू यादव के दामाद तेज प्रताप और उनके माता-पिता, चाचा के ही पास रही है. फिलहाल यहां से लालू की समधन और तेज प्रताप की मां मृदुला यादव ब्लॉक प्रमुख हैं. इस बार एससी महिला को आरक्षित हो जाने के चलते सपा को कैंडिडेट ढूंढना पड़ेगा।

साल 1995 में पहली बार सैफई ब्लॉक बना था और तभी ये ये सीट सिर्फ सामान्य या फिर OBC के लिए ही आरक्षित रही है. पहली बार 1995 में मुलायम सिंह यादव के भतीजे रणवीर सिंह यादव ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे. साल 2000 में हुए चुनाव में भी रणवीर सिंह ही फिर से जीते थे. 2002 में मुलायम सिंह के दूसरे भतीजे धर्मेंद्र यादव यहां से ब्लॉक प्रमुख बने. साल 2005 में रणवीर सिंह के बेटे तेज प्रताप सिंह यादव को ब्लॉक प्रमुख चुनावों में जीत मिली. 2010 में भी तेजप्रताप ही जीते लेकिन 2014 के चुनाव में तेज प्रताप को मैनपुरी लोकसभा से सांसद चुन लिया गया जिसके बाद 2015 में उनकी मां मृदुला यादव ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीती थीं।

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