अश्लीलता परोसने वाले OTT पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- स्क्रीनिंग जरूरी, पोर्न तक दिखा दिया जाता है

अश्लीलता परोसने के लिए कुख्यात OTT प्लेटफॉर्म पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है, गुरुवार को सर्वोच्च अदालत ने OTT प्लैटफॉर्म्स की स्क्रीनिंग को जरूरी बताते हुए कहा कि इन प्लैटफॉर्म्स पर पोर्न तक दिखाया जा रहा है। इस तरह के प्रोग्राम की निगरानी के लिए व्यवस्था की जरूरत है। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स के रेग्युलेशन को लेकर तैयार गाइडलाइंस को भी पेश करने को कहा।

वेबसीरीज तांडव के खिलाफ चल रही जांच में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अमेजन की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस अशोक भूषण ने कहा, ”इंटरनेट और ओटीटी पर सिनेमा देखना आम हो गया है। इस पर पोर्नोग्राफी तक दिखाया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट वेब सीरीज ‘तांडव’ पर छिड़े विवाद में ऐमजॉन प्राइम वीडियो की हेड अपर्णा पुरोहित की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। एमेजॉन प्राइम की वीडियो हेड ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज किए जाने को चुनौती दी है। इस पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से कहा है कि वो नई आईटी रूल्स 2021 को सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करें। सुनवाई के दौरान जस्टिस अशोक भूषण ने कहा, ”इंटरनेट और ओटीटी पर सिनेमा देखना आम हो गया है। इस पर पोर्नोग्राफी तक दिखाया जा रहा है।