हिंदुत्व से दूर निकल चुकी है शिवसेना, ‘जय श्री राम’ की विरोधी ममता का समर्थन करेंगे उद्धव ठाकरे

शिवसेना कभी प्रखर हिंदुत्ववादी पार्टी में शुमार होती थी, लेकिन कुर्सी की लालच में कांग्रेस और एनसीपी से गठबंधन करने के बाद शिवसेना पूर्ण रुप से बदल चुकी है, जो शिवसेना खुलकर कभी हिंदूवादी होने का दम्भ भरती थी, वही शिवसेना अब सेकुलर छवि में नजर आ रही हैं, जी हाँ! शिवसेना उस पार्टी/नेता का समर्थन करने का ऐलान किया है जो ‘जय श्री राम’ का नारा सुनकर भड़क जाती है, राम विरोधी कहेंगे तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।

शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राऊत ने जानकारी दी है कि ‘बहुत लोग यह जानना चाहते थे कि शिवसेना पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ेगी या नहीं? पार्टी अध्यक्ष से चर्चा के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि शिवसेना बंगाल में चुनाव नहीं लड़ेगी लेकिन टीएमसी का समर्थन करेगी, इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि उद्धव ठाकरे ने कहा, इस वक्त ‘दीदी बनाम अन्य सभी’ का मुकाबला प्रतीत हो रहा है।

आपको बता दें कि शिवसेना जिस ममता बनर्जी का समर्थन करेगी, वो वही ममता बनर्जी हैं जो ‘जय श्री राम’ का नारा सुनकर भड़क जाती हैं, एक बार तो उन्होंने जय श्री राम बोलने वाले लोगों को गिरफ्तार तक करवा लिया था, इन सब को नजरअंदाज कर शिवसेना ने ममता का समर्थन करने का ऐलान किया है.

शिवसेना मुखिया उद्धव ठाकरे के इस फैसले के बाद भाजपा सांसद मनोज कोटक ने कहा कि शिव सेना हिंदुत्व से बहुत दूर निकल चुकी है, मोदी विरोधी अब राम विरोधी हो चुके हैं।

मुंबई नॉर्थ-ईस्ट से भाजपा सांसद मनोज कोटक ने अपने ट्वीट में लिखा, बिहार में ओलिंपिक लेवल पर ज़मानत जब्त करवाने के बाद कागज़ के शेर अब बंगाल में चुनाव नहीं लड़ेंगे। लेकिन जय श्री राम से खिसिया जाने वाली दीदी को पूर्ण समर्थन देंगे। शिव सेना हिंदुत्व से बहुत दूर निकल चुकी है, मोदी विरोधी अब राम विरोधी हो चुके हैं।श्री राम इनका भला करे।