क्या? रेलवे का भी होगा निजीकरण, रेलमंत्री पीयूष गोयल ने दिया ये बड़ा बयान

कई बैंको का भारत सरकार निजीकरण कर रही है, ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या रेलवे का भी निजीकरण हो जाएगा, इसका जवाब देते हुए रेलमंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाएगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे देश की सम्‍पत्ति है और हमेशा रहेगी।
लोकसभा में 2021-22 के लिए रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए श्री गोयल ने बताया कि केन्‍द्रीय बजट में रेलवे के लिए दो लाख 15 हजार करोड रूपये आवंटित किये गये हैं।

भारतीय रेलवे को देश की वृद्धि का इंजन बताते हुए श्री गोयल ने कहा कि अगर निजी क्षेत्र रेलवे में निवेश करना चाहता है, तो देश के हित में उसका स्‍वागत किया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि निजी क्षेत्र अपने साथ दक्षता लाएंगे और वृद्धि को गति देंगे।

गोयल ने कहा कि जब देश 2022 में स्‍वतंत्रता के 75 वर्ष मनाएगा, तब पूर्वी और पश्चिचमी विशेष माल ढुलाई गलियारे चालू हो जाएंगे। रेल मंत्री ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री समय रहते लॉकडाउन की घोषणा नहीं करते, तो कोरोना संक्रमण देश के छह लाख गांवों में फैल जाता। उन्‍होंने कहा कि रेल मंत्रालय ने कोरोना काल में 560 कोचों को आइसोलशन वार्ड में बदलने का उचित फैसला लिया।

पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे देश भर में 44 वंदे भारत रेलगाडियां चलाने की योजना बना रहा है। उन्‍होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्‍यान दिया जा रहा है। गोयल ने बताया कि पिछले दो साल में रेल दुर्घटनाओं में किसी यात्री की मौत नहीं हुई।