अब निजीकरण के खिलाफ 15 मार्च को सड़क पर उतरेंगे आन्दोलनजीवी योगेंद्र यादव

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों किसान लगभग तीन महीनें से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं, सरकार ने किसानों के साथ 12 दौर की बातचीत की, ताकि मामला सुलझ जाए, लेकिन ये किसान कृषि कानून को रद्द करवाने पर अड़े रहे और आंदोलन को आगे खिसकाते रहे, लेकिन अब धीरे-धीरे किसान आंदोलन से उठकर घर वापसी करने लगे हैं, क्योंकि अब गेंहू और सरसों की कटाई-पिटाई का सीजन लगभग आ चुका है/आने वाला है, ऐसे में अब आन्दोलनजीवियों ने निजीकरण के खिलाफ सड़क पर उतरने का ऐलान किया है, इस बाबत संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को प्रेस-कॉन्फ्रेंस की.

आन्दोलनजीवी योगेंद्र यादव ने कहा कि 10 ट्रेड संगठनों के साथ हमारी मीटिंग हुई है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों का जो निजीकरण कर रही है उसके विरोध में 15 मार्च को पूरे देश के मज़दूर और कर्मचारी सड़क पर उतरेंगे और रेलवे स्टेशनों के बाहर जाकर धरना प्रदर्शन करेंगे। एक अन्य किसान नेता ने कहा कि सरकार की तरफ से इस आंदोलन को समाप्त करने का प्रयास किया गया था। केंद्र सरकार में हरियाणा के जो 3 केंद्रीय मंत्री हैं, उन 3 केंद्रीय मंत्रियों का उनके गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी।

गौरतलब है कि पिछले महीनें राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने एक नया शब्द दिया था आन्दोलनजीवी, आन्दोलनजीवी वो प्राणी हैं जो हर आंदोलन में कूद पड़ते हैं. योगेंद्र यादव ने उस समय कुबूल किया था कि हाँ मैं आन्दोलनजीवी हूँ.

loading...