आखिर क्यों अनिल देशमुख को नहीं हटाया जा रहा है, महाअघाड़ी सरकार को सता रहा इस बात का डर

दो दिन पहले मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर दावा किया था कि गृहमंत्री अनिल देशमुख ने API सचिन वाजे को कहा था हर महीनें 100 करोड़ की वसूली चाहिए, परमबीर के इस पत्र के बाद महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है और विपक्षी पार्टी भाजपा अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग कर रही है, इतने गंभीर आरोप लगे होनें के बावजूद अभी तक अनिल देशमुख को पद से हटाया नहीं गया है, यही नहीं एनसीपी मुखिया शरद पवार ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके देशमुख का बचाव भी किया, हालाँकि अब वो कारण सामनें आ गया जिसकी वजह से अनिल देशमुख की कुर्सी बरकरार है.

सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि परमवीर सिंह को हटाया तो वे 100 करोड़ हर महीनें वसूली का खुलासा कर गए। अब अगर अनिल देशमुख को हटाया गया तो वे क्या खोल दें, कोई ठीक नही! अनिल देशमुख पर शायद इसी वजह से अब तक कोई फैसला नही हो पा रहा है! फिलहाल परमबीर के पत्र के बाद महाविकास अघाड़ी सरकार बैकफुट पर है।

इस मामलें को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि गृहमन्त्री अनिल देशमुख पर जो आरोप लगे हैं वो बहुत गंभीर हैं, उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, फडणवीस ने कहा, मुंबई की पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने पत्र के माध्यम से जो आरोप लगाए हैं वो गंभीर हैं… महाराष्ट्र के गृह मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए या मुख्यमंत्री को उन्हें हटाना चाहिए।

आरपीआई नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, हमारी मांग है कि सचिन वाझे और शिवसेना का संबंध बहुत नजदीक दिख रहा है। देवेंद्र फडणवीस ने भी इस विषय पर अपनी बात रखी है। ये प्रकरण गंभीर है। मैं गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखने जा रहा हूं महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होना ही चाहिए।

आपको बता दें कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर कहा है कि गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को कहा था हर महीने 100 करोड़ की वसूली चाहिए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे अपने पत्र में, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने दावा किया कि अनिल देशमुख ने निलंबित एपीआई सचिन वेज से बार रेस्तरां, अन्य प्रतिष्ठानों से हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूली करने का निर्देश दिया था।

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