पंजाब में उपद्रव मचा रहे किसानों पर कार्यवाही न करना अमरिंदर को पड़ा महंगा, मोहाली में IPL नहीं होगा

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसान पंजाब, दिल्ली समेत कई जगहों पर लगभग तीन महीनों से आंदोलन कर रहे हैं, बीच में यह आंदोलन हिंसक हो गया था, पंजाब में आंदोलन कर रहे किसानों ने कहीं टॉवर तोड़ दिए तो कहीं टॉवर का जनरेटर ही चुरा ले गए, हैरानी कि बात यह है कि पंजाब सरकार ने ऐसे उपद्रवियों पर कोई कार्यवाही नहीं की, इसका नुकसान अब पंजाब को उठाना पड़ रहा है..

दरअसल इसी साल अप्रैल-मई में इंडियन प्रीमियर लीग ( आईपीएल ) का आयोजन होना है, हालाँकि अभी इसका कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है.बीसीसीआई ने इसके लिए दिल्ली, अहमदाबाद, कोलकाता, बेंगलुरु और चेन्नई को संभावित स्थलों के रूप में चुना है. बोर्ड ने हालांकि इस मामले पर अंतिम फैसला नहीं किया है. इस सूची में मुंबई का नाम भी था, लेकिन वहां कोरोना वायरस के मामलों के बढ़ने के बाद इसके आयोजन की संभावना कम है।

आईपीएल के आगामी टूर्नामेंट के आयोजन स्थलों में मोहाली को जगह नहीं देने पर हैरानी जताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) से अपने फैसले पर पुनर्विचार की अपील की. मुख्यमंत्री ने साथ ही आश्वासन दिया कि कोविड-19 महामारी के बीच उनकी सरकार खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम करेगी।

अमरिंदर ने ट्वीट किया, ‘आईपीएल के आगामी सत्र के स्थलों में मोहाली क्रिकेट स्टेडियम को जगह नहीं मिलने से हैरान हूं. ऐसा कोई कारण नहीं कि मोहाली आईपीएल की मेजबानी नहीं कर सकता।