26 जनवरी को लालकिले पर जो कुछ हुआ उसका हमें कोई अफ़सोस नहीं है: राकेश टिकैत

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए ‘कृषि कानून’ के विरोध में हजारों किसानों ने 26 जनवरी 2021 को दिल्ली में ट्रेक्टर परेड निकाला था, ये ट्रैक्टर परेड़ दो कदम भी नहीं चल पाई कि हिंसात्मक हो गई, किसान के वेश में छुपे दंगाइयों ने लालकिले पर जमकर उपद्रव मचाया, धार्मिक झंडा लहराया, इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा था, अब किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि 26 जनवरी को जो कुछ हुआ उसका हमें कोई अफ़सोस नहीं है.

समाचार चैनल न्यूज़-24 को दिए गए इंटरव्यू में राकेश टिकैत ने कहा कि 26 जनवरी को जो कुछ हुआ उसका हमें कोई अफ़सोस नहीं है, जब पत्रकार ने कहा कि उस दिन के हमलें में 394 पुलिसवाले घायल हुए थे, तलवार से हमला हुआ था, तो इसका जवाब देते हुए राकेश टिकैत ने कहा कुछ नहीं हुआ था, यानि राकेश टिकैत के मुताबिक़, न 26 जनवरी को लालकिले पर हमला हुआ था और न ही एक भी पुलिसकर्मीं घायल हुआ था।

आपको बता दें कि 26 जनवरी 2021 को किसान के वेश में छुपे दंगाइयों का आतंक पूरे देश ने देखा, दंगाइयों ने लालकिले पर न सिर्फ तिरंगे का अपमान किया बल्कि पुलिस पर तलवार और फरसे से हमलें किये जिसमें लगभग 400 पुलिसकर्मीं घायल हुए थे, कुछ ठीक हो गए, कुछ का ईलाज अभी भी जारी है परन्तु राकेश टिकैत का कहना है कि कुछ नहीं हुआ.

लालकिले पर हुए हमलें के मामलें में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत कई किसान नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है दिल्ली पुलिस ने, गिरफ़्तारी के डर से राकेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर पर बिलख-बिलखकर रो रहे थे.

राकेश टिकैत भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता हैं. वह आंदोलन की अगुवाई करने वाले नेताओं में से एक हैं. राकेश टिकैत के साथ ही किसान नेता दर्शन पाल, राजिंदर सिंह, बलबीर सिंह राजेवल, बूटा सिंह बुर्जगिल, जोगिंदर सिंह उगराहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है. ये सभी किसान नेता कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं.