दिल्ली दं’गे पर बनी डॉक्यूमेंट्री में बड़ा खुलासा, फैजल खान के स्कूल में थी हिन्दू बच्चों को मारने की प्लानिंग

नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में पिछले साल उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिन्दू विरोधी दंगे हुए थे, दंगे को एक साल बीत चुके हैं, आगामी सालों में 23-24 फरवरी की तारीख जब भी आएगी, साल 2020 के ये जख्म ताजा हो जाएँगे। दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के दौरान उत्तर-पूर्वी इलाके के जिन हिस्सों को निशाना बनाया गया था, उनमें शिव विहार भी शामिल था। दिल्ली दंगों पर बनी “DELHi RIOTS A Tale Of Burn & Blame” नाम की एक डॉक्यूमेंट्री आई है जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसे सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी।

दिल्ली के शिव बिहार में स्थित राजधानी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले तकरीबन 800-900 हिन्दू बच्चों को मारने की प्लानिंग थी, मुस्लिम अल्पसंख्यक बच्चों की समय से पहले छुट्टी कर दी गई थी..”DELHi RIOTS A Tale Of Burn & Blame” डॉक्यूमेंट्री में ये खुलासा शिव विहार के रहने वाले दंगा पीड़ित हरि सिंह सोलंकी ने किया है.

उन्होंने कहा, समय से पहले ( तकरीबन साढ़े 11 बजे ) राजधानी पब्लिक स्कूल द्वारा अल्पसंख्यक बच्चों की छुट्टी कर दी गई..जिसका मालिक फैजल खान है, सोलंकी ने कहा, इस स्कूल में पढ़ने वाले 800-900 बहुसंख्यक ( हिन्दू ) बच्चों को मारने की साजिश थी, लेकिन शोर-शराबे के कारण बच गए, टीचरों ने शोर-शराबा किया कि भाई उनकी छुट्टी कर दी गई, हमारी क्यों नहीं? एक-डेढ़ बजे के करीब बहुसंख्यक बच्चों की छुट्टी की गई

शिव विहार के रहने वाले दंगा पीड़ित रोशन लाल ने डॉक्यूमेंट्री में कहा है कि ‘अगर ये दंगा एक घंटा पहले हो जाता तो सारे हिन्दू के बच्चे उसी में फंसे रह जाते। बंदी बना लिए जाते या मार दिए जाते। उन्होंने कहा, शुक्र मनाओ बच्चे किसी तरह वहां से निकल आये, उसके बाद दंगा हुआ.

ऑपइण्डिया के मुताबिक, राजधानी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मालिक फैसल फारूक का दिल्ली दंगों में बड़ा रोल सामने आया था और उसकी गिरफ़्तारी भी हुई थी, लेकिन उसे दिसंबर 2020 में जमानत भी मिल गई। यही स्कूल दंगों के समय इस्लामी भीड़ का अड्डा बना था। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगों के दौरान इस स्कूल का इस्तेमाल अटैक बेस की तौर पर किया गया था। स्कूल की छत पर एक बड़ा गुलेल लगाया था। इसकी मदद से हिंदुओं और उनकी संपत्तियों और पेट्रोल बम से निशाना बनाया गया था। दंगों में इस स्कूल को कोई नुकसान नहीं पहुॅंचा था। लेकिन इस ठीक बगल में स्थित स्कूल तबाह हो गया था।

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