स्विट्जरलैंड में बैन हुआ बुर्का, जनमत संग्रह से हुआ फैसला

burka-ban-in-kerala-collage

यूरोप के कई देशों के नक्शेकदम पर चलते हुए स्विट्जरलैंड ने भी अब बुर्के और नक़ाब पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है..रविवार (7 मार्च 2021) को बुर्का को लेकर जनमत संग्रह कराया गया. जनमत संग्रह में सार्वजनिक स्थानों पर बुर्के पर बैन के लिए ज्यादा लोगों ने मतदान किया। अभी तक के परिणामों के आधार पर 50 फीसदी से ज्यादा लोगों ने बैन के पक्ष में मतदान किया. करीब 54 प्रतिशत मतदाता बुर्का, नकाब को गैरकानूनी घोषित करने के पक्ष में थे.

आपको बता दें कि बुर्का सार्वजनिक स्थानों पर पहनने की छूट होनी चाहिए या नहीं, इस बात का फैसला करने के लिए जनमत संग्रह का सहारा लिया गया. जिसपर स्विट्जरलैंड की जनता ने 7 मार्च को मतदान किया. इसके साथ ही देश के प्रत्यक्ष लोकतांत्रिक सिस्टम में कुछ बदलावों को लेकर भी जनता की राय मांगी गई. इन सब मुद्दों पर जनमत संग्रह के दौरान मतदान हुआ. जिसके बाद बुर्के पर पाबन्दी लगा दी गई.

बुर्का बैन होने के बाद स्विट्जरलैंड के मुस्लिम काफी निराश हो गए हैं, मुसलमानों का कहना है कि दक्षिणपंथी पार्टियां वोटर्स को लुभाने के लिए मुसलमानों को दुश्मन की तरह पेश कर रही हैं. बुर्का बैन करना जायज नहीं है.

आपको बता दें कि स्विट्जरलैंड से पहले फ्रांस ने साल 2011 में ही चेहरे को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनने पर बैन लगा दिया था. वहीं डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड और बुल्गेरिया में भी सार्वजनिक जगहों पर बुर्का प्रतिबंधित हैं.

loading...