सचिन पायलट फोन टैपिंग कांड: फंसी कांग्रेस सरकार, CM गहलोत का माँगा जा रहा है इस्तीफ़ा

पिछले साल जुलाई में जब कांग्रेस नेता ( राजस्थान के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री ) सचिन पायलट ने गहलोत सरकार से बगावत की थी तब गहलोत सरकार द्वारा पायलट की फ़ोन टैपिंग कराने का मामला सामने आया था, हालांकि सीएम गहलोत ने इससे इनकार करते हुए कहा था कि सचिन पॉयलट की फोन टैपिंग नहीं हुई, अगर यह सच निकल जायेगा तो मैं इस्तीफा दे दूंगा, अब लगभग आठ महीनें बाद राजस्थान सरकार ने खुद कबूल किया है की उस समय सचिन पायलट के फोन की टैपिंग करायी गई थी…इस खुलासे के बाद अब राजस्थान सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं, सीएम गहलोत से इस्तीफा माँगा जा रहा है.

राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पुनिया ने गहलोत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गांधीवाद का झूठा मुखौटा ओढ़े नैतिकता और लोकतंत्र की दुहाई देने वाले अशोक गहलोत ने कुर्सी बचाने की ख़ातिर सारी हदें लांघ दी, अपने ही दल के लोगों के खिलाफ तो षड्यंत्र किया ही लेकिन विपक्षी दल के नेताओं के टेलीफोन भी अनैतिक तरीक़े से टेप किये; जासूसी करवाई, इसकी स्वीकारोक्ति सरकार ने विधानसभा प्रश्न के उत्तर में की है। अब क्या जवाब देंगे मारवाड़ के गांधी?

आपको बता दें कि राजस्थान में पिछले साल जुलाई में सचिन पायलट खेमे की बगावत के समय फोन टेप करने की बात गहलोत सरकार ने मान ली है। सरकार ने विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा है कि सक्षम स्तर से मंजूरी लेकर फोन टेप किए जाते हैं। नवंबर 2020 तक फोन टेप के सभी मामलों की मुख्य सचिव स्तर पर समीक्षा भी की जा चुकी है। भाजपा विधायक कालीचरण सराफ के अगस्त में पूछे गए सवाल का गृह विभाग ने अब जवाब दिया है।

राजस्थान सरकार के इस कबूलनामें के बाद ट्विटर अशोक गहलोत इस्तीफा दो ट्रेंड कर रहा है, हालाँकि सचिन पायलट का अभी तक इस मामलें में कोई बयान सामने नहीं आया है.