अनिल देशमुख के इस्तीफे को लेकर NCP में दो फाड़, सामने-सामने शरद पवार और अजित पवार

दो दिन पहले मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर दावा किया था कि गृहमंत्री अनिल देशमुख ने API सचिन वाजे को कहा था हर महीनें 100 करोड़ की वसूली चाहिए, परमबीर के इस पत्र के बाद महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है और विपक्षी पार्टी भाजपा अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग कर रही है, इतने गंभीर आरोप लगे होनें के बावजूद अभी तक अनिल देशमुख को पद से हटाया नहीं गया है, यही नहीं एनसीपी मुखिया शरद पवार ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके देशमुख का बचाव भी किया, हालाँकि अब खबर मिल रही है कि अनिल देशमुख के इस्तीफे को लेकर एनसीपी में दो फाड़ हो गया है, एक गुट चाहता है देशमुख इस्तीफा दें, जबकि दूसरा गुट उनके इस्तीफा देने के पक्ष में नहीं है।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, अनिल देशमुख के इस्तीफ़े पर NCP में दो फाड़ हो गए हैं, अजित पवार और शरद पवार के 2 गुट बन गए हैं. शरद पवार, जयंत पाटिल उनके इस्तीफे को तैयार नहीं और अजित पवार, दिलीप वलसे पाटिल का कहना है कि देशमुख के इस्तीफ़े से ही इस मामले का अंत हो सकता है..अब देखना यह दिलचस्प होता है कि किसका निर्णय माना जाता है, देशमुख इस्तीफ़ा देते हैं या नहीं। फिलहाल परमबीर के पत्र के बाद महाविकास अघाड़ी सरकार बैकफुट पर है।

इस मामलें को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि गृहमन्त्री अनिल देशमुख पर जो आरोप लगे हैं वो बहुत गंभीर हैं, उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, फडणवीस ने कहा, मुंबई की पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने पत्र के माध्यम से जो आरोप लगाए हैं वो गंभीर हैं… महाराष्ट्र के गृह मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए या मुख्यमंत्री को उन्हें हटाना चाहिए।

आरपीआई नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, हमारी मांग है कि सचिन वाझे और शिवसेना का संबंध बहुत नजदीक दिख रहा है। देवेंद्र फडणवीस ने भी इस विषय पर अपनी बात रखी है। ये प्रकरण गंभीर है। मैं गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखने जा रहा हूं महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होना ही चाहिए।

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