केरल में जिस जगह PFI वालों ने कथित RSS कार्यकर्ता को हथकड़ी लगाकर निकाली रैली, वहीँ तिरंगा रैली निकालेंगे उपदेश राणा

कटटर इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( पीएफआई ) का एक वीडियो सामने आया है। जिसमे वह कथित ‘RSS कार्यकर्ताओं’ को हथकड़ी पहनाकर बीच सड़क पर घुमा रहे हैं। यह वीडियो केरल के मलप्पुरम जिले का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है। अब हिंदूवादी नेता उपदेश राणा ने ऐलान किया है कि पीएफआई वालों ने केरल में जिस जगह कथित तौर पर RSS की वेशभूषा वाले लड़कों के हाथ में हथकड़ी लगाकर रैली निकाली है, वहीँ जल्द ही तिरंगा रैली निकालूँगा।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि पीएफआई ने कैसे RSS की तुलना अंग्रेजों से की है। वीडियों में देखा जा सकता है कि उन्होंने आरएसएस के वर्दी में लोगों को चेन से बांधा है और इसके साथ ही उन्होंने आंग्रेजों को भी चेन बाधा है। इस दौरान वह चेन बांधकर युवाओं के साथ रैली निकाल रहे हैं। इसके साथ ही वह पीछे से हाथों में लाठी-डंडे लिए हुए भी नजर आ रहे हैं। साथ ही अल्लाह-हू-अकबर के नारे भी लग रहे हैं

फेसबुक पर लाइव आकर उपदेश राणा ने पीएफआई वालों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही मैं मलप्पुरम तिरंगा लेकर आ रहा हूँ, जहाँ रैली निकाली गई है, वहीँ से तिरंगा रैली निकलूंगा। उपदेश ने कहा, पीएफआई ने जो दुस्साहस किया है, वो बर्दाश्त लायक नहीं है..इसलिए मैं पहले ही बता दे रहा हूँ कि वहीँ तिरंगा लेकर निकलूंगा, ताकि कोई यह न कह सके कि उपदेश राणा चुपचाप आया और सुनसान जगह तिरंगा लहराकर चला गया।


बता दें कि उपदेश राणा ने इससे पहले श्रीनगर के लालचौक पर उस समय तिरंगा फहराया था, जब जम्मू कश्मीर में धारा 370 लागू थी, उपदेश राणा ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के उस बयान के विरोध में लाल चौक पर तिरंगा फहराया था जिसमें उन्होंने कहा था लाल चौक पर कोई तिरंगा लेकर आ नहीं सकता, फहराना तो बहुत दूर की बात है, फारूक अब्दुल्ला की चुनौती को स्वीकार करते हुए राणा ने तिरंगा फहराया था।