राजदीप सरदेसाई को मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, यूपी में दर्ज है देशद्रोह का केस

पत्रकार राजदीप सरदेसाई और शशि थरूर समेत 6 पत्रकारों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है, दरअसल उत्तर प्रदेश में इनसब के खिलाफ देशद्रोह समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज है, गिरफ़्तारी की तलवार लटक रही थी, इसके बाद इन सबने सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया, जहाँ से इन्हें राहत मिली।

सुप्रीम कोर्ट ने शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई, अनंत नाथ, परेश नाथ, विनोद जोस, मृणाल पांडे, ज़फ़र आग़ा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, इन सब ने 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर पलटने से मरे व्यक्ति को पुलिस की गोली से मरा बता कर ट्वीट किया था..अभिजीत मिश्रा नाम के एक शख्स की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर इन लोगों के खिलाफ यूपी के नोएडा में सेक्टर 20 थाने में इन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

राजदीप सरदेसाई समेत सभी आरोपियों पर धारा 153 (A), 153B(B), 295(A), 298, 504, 506, 505(2), 124(A) तथा अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में अभिजीत मिश्रा ने बताया कि वह परिवार के साथ सेक्टर 74 सुपरटेक केपटाउन में रहते हैं। उनका आरोप है कि 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के पीछे कांग्रेस सांसद शशि थरूर, पत्रकार राजदीप सरदेसाई, पत्रकार मृणाल पांडेय, पत्रकार जफर आगा, परेशनाथ, अनन्तनाथ, विनोद के जोश और एक अज्ञात हैं।

शिकायतकर्ता ने कहा है, 26 जनवरी 2021 को जानबूझकर कराए गए गए दंगों से अत्यंद दुखी हूं। इन व्यक्तियों ने पूर्वाग्रह की वजह से ऐसा काम किया जिससे देश की सुरक्षा और जनता का जीवन खतरे में पड़ गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि इन लोगों ने जानबूझकर गुमराह करने वाले और उकसाने वाली ऐसी खबरें प्रसारित कीं और अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि पुलिस द्वारा आंदोलनकारी एक ट्रैक्टर चालक की हत्या कर दी गई। सुनियोजित साजिश के तहत गलत जानकारी प्रसारित की गई कि आंदोलनकारी को पुलिस ने गोली मार दी। यह जानबूझकर इस उद्देश्य से कहा गया कि बड़े पैमाने पर दंगे हों और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव उत्पन्न हो।