कश्मीर घाटी में 31 वर्षों बाद खुला प्राचीन शीतलनाथ मंदिर, फिर से गूंजेंगे जयकारे, बजीं घंटियां

केंद्र की मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाली धारा 370 को हटा दिया। 370 हटने के बाद घाटी में अब बड़े परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं, कश्मीर घाटी में सूनसान पड़ी मंदिरों के गौरव को वापस लाने का कार्य प्रारम्भ हो चुका है, 31 वर्षों बाद बसंत पंचमी के दिन कश्मीर घाटी में 31 वर्षों बाद खुला प्राचीन शीतलनाथ मंदिर खुल गया, हिन्दुओं ने यहाँ आकर दर्शन किये, जयकारे लगाए और घंटियां बजाई।

झेलम नदी के किनारे स्थित प्राचीन कालीन शीतलेश्वर भैरव मंदिर में 31 वर्षों के बाद बसंत पंचमी पर मंगलवार को मंदिर की घंटियां गुंजी, मंदिर परिसर में हवन कुंड फिर से प्रज्जवलित किया गया. केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार सनातन धर्म शीतलनाथ आश्रम सभा मंदिर में कार्यक्रम आयोजन करवाएगी।

गौरतलब है कि वर्ष 1990 के दशक में इस्लामिक आतंक से परेशान कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद घाटी के कई मंदिरों में ताले लग गए थे। अब इन मंदिरों को धीरे-धीरे खोलने का प्रयास किया जा रहा है। पंडित उपेंद्र हंडू ने बताया कि शीतलेश्वर मंदिर में 90 के दशक से पहले काफी चहल पहल हुआ करती थी। आतंकवाद के शुरू होने के बाद से घाटी के सभी मंदिरों के साथ इसको भी बंद करना पड़ा। लेकिन अब फिर से मंदिर खुलने शुरू हो चुके हैं.