चक्काजाम फेल होने के बाद अब कृषि कानून विरोधी किसानों ने किया रेल रोकने का ऐलान!

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए कृषि कानून के विरोध में हजारों किसान लगभग दो महीनें से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं, इस आंदोलन में अबतक किसान कई प्रयोग कर चुके हैं, भूख हड़ताल कर चुके हैं, भारत बंद कर चुके हैं, ट्रैक्टर परेड की आड़ में गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में उपद्रव कर चुके हैं, किसानों ने बीते 6 फरवरी को चक्काजाम भी किया था, जो बुरी तरह फेल साबित हुआ. अब किसानों ने रेल रोकने का ऐलान किया है.

नए कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करते हुए प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों ने 18 फरवरी को चार घंटे के राष्ट्रव्यापी ‘रेल रोको’ अभियान की घोषणा की है।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दर्शन पाल ने बुधवार शाम को किसान आंदोलन से जुड़े आगे के नए कार्यक्रमों का ऐलान कर दिया है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा 12 फरवरी से राजस्थान के सभी रोड के टोल प्लाजा को टोल फ्री कर दिया जाएगा। 14 फरवरी को देशभर में कैंडल मार्च, ‘माशाल जुलूस’ और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें पुलवामा हमले में शहीद सैनिकों के बलिदान को याद किया जाएगा। वहीं, 16 फरवरी को किसान सर छोटूराम की जयंती पर देश भर में एकजुटता दिखाएंगे। देशभर में 18 फरवरी को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक रेल रोको कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।