जेल में बंद आतंकियों की फोटो लेकर रिहाई की मांग कर किसान आंदोलन को अपवित्र किया गया: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान उठे मुद्दों का जवाब दे रहे हैं. इससे पहले उन्होंने राज्यसभा में हुए अपने संबोधन के दौरान विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया था. नए कृषि कानूनों पर भी पीएम मोदी ने अपनी बात रखी…

पीएम मोदी ने कहा कि किसानों के पवित्र आंदोलन को बर्बाद करने का काम आंदोलनकारियों ने नहीं, आंदोलनजीवियों ने किया है। इसलिए देश को आंदोलनकारियों और आंदोलनजीवियों के बारे में फर्क करना बहुत जरूरी है। दंगा करने वालों, सम्प्रदायवादी, आतंकवादियों जो जेल में हैं, उनकी फोटो लेकर उनकी मुक्ति की मांग करना, ये किसानों के आंदोलन को अपवित्र करना है। किसान आंदोलन को मैं पवित्र मानता हूं। भारत के लोकतंत्र में आंदोलन का महत्व है, लेकिन जब आंदोलनजीवी पवित्र आंदोलन को अपने लाभ के लिए अपवित्र करने निकल पड़ते हैं तो क्या होता है?

पीएम मोदी ने कहा कि देश के लिए पब्लिक सेक्टर जरूरी है तो प्राइवेट सेक्टर का योगदान भी जरूरी है। आज मानवता के काम देश आ रहा है तो इसमें प्राइवेट सेक्टर का भी बहुत बड़ा योगदान है। पीएम ने कहा- कृषि के अंदर जितना निवेश बढ़ेगा, उतना ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। हमने कोरोना काल में किसान रेल का प्रयोग किया है। यह ट्रेन चलता-फिरता एक कोल्ड स्टोरेज है।

बता दें कि पोस्टर-बैनर के जरिये भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने मांग की है कि गिरफ्तार बुद्धिजीवियों और छात्रों को रिहा किया जाए. उल्लेखनीय है कि इनमें से कई लोगों पर संगीन मामलो के तहत केस दर्ज हैं. कुछ तो ऐसे हैं जिन पर UAPA के तहत केस दर्ज है. जिसमें उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोग शामिल हैं।

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